मुक्तसर के मनहर ने हरा माता-पिता और शिक्षकों का मन, भ्रष्ट सिस्टम से लड़ना चाहता है टॉपर

आईसीएसई बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं के परिणाम में मुक्तसर के मनहर बंसल ने भारत में से प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हालांकि मुंबई की जूही रूपेश कजारिया भी मनहर के बराबर 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ टॉपर है। स्कूल में पहुंचे मनहर के पिता डाॅ. मदन मोहन व माता डॉ. वंदना के साथ स्कूल स्टाफ और उसकी श्रेणी के विद्यार्थियों ने इस खुशी को सांझा किया।

मनहर ने 11वीं ऑटर्स में दिल्ली के आरकेपुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया है व वह अर्थशास्त्र, पॉलीटिक्ल साइंस, कानूनी पढ़ाई के विषयों के साथ 11वीं कर रहा है। मनहर आईएएस अधिकारी बनना चाहता है। दसवीं के परिणाम की बात करें तो मनहर ने मैथ, साइंस, हिस्ट्री व फिजिकल एजुकेशन में 100 में से 100 नंबर लिए हैं, जबकि अंग्रेजी में 100 में से 98 नंबर हैं।

अनुशासन में रहना व ईमानदारी मनहर के गुण
मनहर के पिता डॉ. मदन मोहन व माता डॉ. वदना ने बताया कि वह अनुशासन पसंद बच्चा है व ईमानदार बहुत है। वह आज के सिस्टम में आ चुके भ्रष्टाचार को दूर करना चाहता है व उसमें देशभक्ति का गुण हैं। मनहर समय का बहुत पाबंद है, वह शुरू से ही सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करना फिर अपने आप तैयार होना, स्कूल से आने के बाद शाम को बैडमिंटन खेलना व रात को फिर पढ़ाई करना। उसे पढ़ने की इतनी लगन थी कि उसने अपना सिलेबस एडवांस में ही पढ़ लिया था व पेपरों के दिनों में उसने अपने आप को रिलैक्स रखा व पेपरों को बोझ के तौर पर नहीं लिया।

पूछता था- मम्मी मैं भी टॉप कर सकता हूं
मनहर की माता डा वंदना बांसल ने भावुक होते बताया कि दसवीं श्रेणी के पेपर देने के बाद वह अक्सर पूछता कि मम्मी क्या मैं भी देश में से टॉप कर सकता हूं, तो वह हां में जवाब देते कि टॉप बच्चे ही करते हैं। डाॅ. वंदना के अनुसार आज मनहर का एक सपना सच हुआ है। उन्होंने बताया कि मनहर को दसवीं श्रेणी के पेपर देने के बाद पूरी उमीद थी कि वह देश में से बढिया स्थान प्राप्त करेगा।

…तो किसी ट्यूशन की आवश्यकता नहीं
वहीं मनहर ने कहा कि स्कूल में जो अध्यापक पढ़ाते है यदि उसे ही ध्यान से पढ़ा व सुना जाए तो हमें किसी अधिक ट्यूशन नहीं लेनी पड़ती। उसने भी कोई ट्यूशन नहीं ली। मनहर ने कहा कि मुक्तसर जैसे छोटे से शहर में से टॉप करके वह यही संदेश देना चाहता है कि छोटे शहरों के विद्यार्थियों के मनों में जो धारणा कि सिर्फ बडे शहरों के बच्चे ही भारत में से टॉप करते है वह गलत है। छोटे शहर में पढ़कर भी देश भर में उस शहर का नाम रोशन किया जा सकता है। मनहर ने दिल्ली से हमसे बातचीत करके कहा कि डाॅक्टरों के परिवार से होकर वह आईएएस अधिकारी तो बनना चाहता कि वह आज के भ्रष्ट सिस्टम को सुधारा चाहता है।

क्या कहते हैं स्कूल प्रबंधन के सदस्य

मुक्तसर के लिटल फ्लॉवर कॉन्वेंट स्कूल के प्रबंधन से मैनेजर फादर मैथ्यू और प्रिंसिपल सिस्टर अर्पणा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए बच्चे को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। स्कूल में पहुंचे विद्यार्थियों और स्टाफ ने खुशी मनाई। उन्होंने बताया कि वह स्‍कूूूल मेंं टीम लीडर रहा है। वह पढ़ाई के संग स्‍कूूूल में हर एक्टिविटी में भी भाग लेता था।

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