मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

नोएडा | शनिवार को यमुना प्राधिकरण के सीईओ, केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों ने साइट का दौरा किया। पार्क में आने वाली कंपनियों को केंद्र और राज्य सरकार कई तरह की सब्सिडी देंगे। इसमें 10 वर्षों तक जीएसटी में भी छूट दी जाएगी।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि मेडिकल डिवाइस पार्क को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। यहां उत्तर भारत का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क बनेगा। केंद्र सरकार ने करीब एक साल पहले देश भर में चार मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने के लिए योजना निकाली थी। प्रदेश सरकार ने परियोजना के लिए यमुना प्राधिकरण को नोडल एजेंसी नियुक्त किया था।
औषध, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर 90 दिन के अंदर डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भेजने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि मेडिकल डिवाइस पार्क में विश्वस्तरीय कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। इसमें टेस्टिंग, क्वालिटी चेकिंग आदि की भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। भारत में अभी 70 फीसदी से अधिक मेडिकल उपकरण विदेश से आयात किए जाते हैं, लेकिन इस पार्क के बनने से देश में ही मेडिकल उपकरण तैयार किए जा सकेंगे और विदेश से आयात की निर्भरता कम होगी। मेडिकल डिवाइस पार्क में उपकरण के निर्माण की लागत कम आएगी। इससे भारत में मेडिकल उपकरण सस्ते मिलेंगे तथा निकट भविष्य में यहां पर उत्पादित उपकरणों को विदेशों में भी निर्यात किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने दो पार्क के लिए केंद्र को लिखा था पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ और नोएडा में ऐसे पार्क बनाने की स्वीकृति देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा था कि मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण के लिए लखनऊ और नोएडा उपयुक्त हैं। लखनऊ में केंद्र के चार दवा अनुसंधान केंद्र हैं। नोएडा देश के विकसित औद्यौगिक क्षेत्रों में शुमार होता है। सरकार की नई औद्योगिक और फार्मा नीति भी निवेशकों के बेहद मुफीद हैं। यूपी की इंवेस्टर फ्रेंडली नीतियों के चलते देशी तथा विदेशी कंपनियां यूपी के मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश करने में रूचि लेंगी। पहले चरण में 125 एकड़ में शेड बनाकर उद्योगों को आवंटित किए जाएंगे। दूसरे चरण में 225 एकड़ में योजना आएगी।
केंद्र से 100 करोड़ मिलेंगे
मेडिकल डिवाइस पार्क में आने वाली कंपनियों को केंद्र और राज्य सरकार कई तरह की सब्सिडी देंगे। इसमें शुरुआत के 10 वर्षों तक जीएसटी में भी छूट दी जाएगी। वही मेंटेनेंस चार्ज भी नहीं लिए जाएंगे। जमीन का लीज रेंट भी शुरुआत के पांच वर्षों के लिए काफी सस्ता रखा गया है। इसके बाद दरों में मामूली इजाफा किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 100 करोड़ की धनराशि केंद्र सरकार की ओर से मिलेगी।
डेटा सेंटर पार्क भी बनेगा
सेक्टर-28 में 100 एकड़ जमीन पर डेटा सेंटर पार्क की स्थापना की जाएगी। इसके 80 भाग में 10-10 एकड़ के भूखंड और 20 भाग में पांच-पांच एकड़ के भूखंड होंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर 2021 की नीति को अपनाया गया है।
