मेपकास्ट के डीजी ने खुद  ही बढ़वा ली अपनी सैलेरी, मामला पहुचा लोकायुक्त

विज्ञान पर शोध करने वाला मेपकास्ट इन दिनों विवादों का अखाड़ा बनता जा रहा है। हालिया मामला संस्थान के डीजी का है। डीजी ने नियमविरुद्ध अपनी सैलेरी बढ़वा ली और गड़बड़ी पकड़ी गई तो लौटाने में आनाकानी कर रहे हैं।  इसके पहले भी जो डीजी इस पद पर आए हैं, उनके साथ कोई न कोई विवाद जुड़ गया। इस चक्कर में मेपकास्ट संस्थान अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी की सैलेरी बढ़ाने का मामला हाल ही में तब सामने आया जब वित्त विभाग इन इस पर आपत्ति ली। कोठारी द्वारा विज्ञान एवं।प्रोधोगिकी विभाग से कुलपति के समान वेतनमान की मांग की थी जिसे वित्त विभाग ने मना कर दिया था लेकिन कोठारी द्वारा खुद ही अनुमोदित करके वेतन बढ़ाकर लगभग 3 लाख रु अपने खाते में डलवा लिया था । उपरोक्त मामले की लिखित शिकायत एक आरटीआई एक्टिविस्ट  ने राज्यपाल ,मुख्यमंत्री सहित लोकायुक्त से की है और वित्तीय धोखाधड़ी करने पर FIR की मांग की है ।

एक नजर मामले पर
दरअसल डॉ. कोठारी मूलरूप से राजीव गांधी प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर प्लेसमेंट ट्रेनिंग एंड कार्पोरेट अफेयर्स में डायरेक्टर थे। 11 मई 2020 को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी विभाग द्वारा डॉ. कोठारी को प्रतिनियुक्ति पर मेपकास्ट में डीजी के पद पर पदस्थ कर दिया। डॉ. कोठारी का आरजीपीवी में कुल 1 लाख 36 जार 674 रुपए वेतन था। डीजी बनाए जाने के बाद 7 अक्टूबर 2021 को एक आदेश जारी हुआ। इसमें वेतन में करीब 53 हजार रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई। अब डीजी का नया वेतन 1 लाख 90 हजार 578 रुपए हो गया इसके अलावा अन्य व्यय अलग बढ़ाये गये। पांच महीने बाद जारी किए गए इस आदेश के बाद 2 लाख 65 रुपए अतिरिक्त राशि एरियर्स के रूप में डीजी के खाते में डाल दी गई। जिस आदेश में वेतन बढ़ाने का जिक्र है, उसमें साफ लिखा है कि यह आदेश डीजी के अनुमोदन अनुसार ही जारी किया गया है। यानि बड़ी बात यह है कि इस बारे में 24 सितंबर 2020 को ही पत्र लिखकर सूचित कर दिया गया था की प्रतिनियुक्ति वालो को कुलपति के समान वेतन नही दिया जा सकता

यह है नियम
विभाग की डिप्टी सेक्रेटरी अंजु पवन भदौरिया ने डीजी काे पत्र लिखकर बताया था कि वित्त विभाग अनुसार कुलपति के समान वेतन नियमित डीजी को मिल सकता है, जबकि प्रतिनियुक्त पर आए डीजी के लिए अलग नियम हैं। मेपकास्ट के सेवा भरती नियम 2013 के अनुसार डीजी को मप्र में विवि के कुलपतियों के समान वेतन की पात्रता है, लेकिन तब जबकि प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापना नहीं हुई हो इसके बावजूद अनिल कोठारी ने शासन के आदेश को दरकिनार कर कोरोना काल मे खुद वेतन बड़ा लिया है जिसकी शिकायत CM से की गई है और इनपर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का कहा है ।

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