ये कैसी व्यवस्था…मरीजों को 2-2 घंटे गर्मी में तपा रहा एमबीएस प्रबंधन

कोटा । स्ट्रेचर पर अपनी मासूम बेटी के साथ बैठे इस मरीज का नाम है मनोज। बारां के रहने वाले मनोज पैर में फ्रेक्चर के बाद करीब 10 दिन तक एमबीएस अस्पताल के हड्डी वार्ड में भर्ती रहे। मंगलवार को डॉक्टरों ने डिस्चार्ज किया तो भामाशाह मरीज होने से उन्हें जरूरी औपचारिकताओं के लिए भामाशाह काउंटर पर भेज दिया गया। यहां करीब दो घंटे तक मनोज को भीषण गर्मी में इसी तरह अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। उन्हें घबराहट होने लगी। काउंटर के बाहर लगे टीनशेड गर्मी से तप रहे थे। पंखे तो लगे हैं, लेकिन वह भी बंद पड़े थे। समस्या अकेले मनोज नहीं बल्कि रोजाना यहां आने वाले सभी मरीजों की है। असल में डिस्चार्ज होने के बाद भामाशाह मरीजों को यहां आकर फोटो खिंचवाना और अंगूठा लगाना होता है। इसके बाद उनका क्लेम सबमिट होता है। एक-एक मरीज की प्रक्रिया में काफी समय लगता है, ऐसे में कई बार मरीजों को दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इन दिनों गर्मी ज्यादा है, ऐसे में कई बार मरीज को घबराहट होने लगती है।
