राज्य परिवहन निगम की जमीन पर नामांतरण निरस्त 

जबलपुर। आगा चौक स्थित मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम की जमीन पर गलत तरीके से नामांकरण कराने के बाद मौखा बिल्डरर्स द्वारा तानी गई बहुमंजिला इमारत हाईट्स पर अब बुल्डोजर चलने की नौबत आ गई है। यह जमीन शुरु से ही विवादित रही है और तमाम विवादों के सामने आने पर मौखा बिल्डरर्स द्वारा ऐन-केन प्रकारेण नामातरंण कराने के बाद इसमें न केवल फ्लैट का निर्माण कर दिया और उन फ्लैटों को बेच भी दिया, कई लोगों ने अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर फ्लैट खरीद भी लिये और उसमें रहने भी लगे। बताया गया है कि जिस भूमि पर अमृत हाईटस भूमि बनी है वह भूमि राज्य परिवहन को आबंटित है। लंबे समय से इसकी शिकायत की जांच चल रही थी। वर्तमान में भू माफिया के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के दौरान एक बार फिर सरकारी जमीन पर बनी अमृत हाईट्स जांच के घेरे में आई और जांच के बाद उसमें नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है तहसीलदार ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी, अब देखना है कि शासन प्रशासन कब तक इस पर कार्रवाई करता है। बिल्डर के साथ-साथ फ्लैट खरीदने वालों की जान शासंत में अटक गई है। 
राज्य परिवहन डिपो को आबंटित है जमीन……..
आगा चौक स्थित जिस २२ हजार १२५ वर्ग पुुâट जगह पर यह बिल्डिंग तानी गई है। वह शुरु से ही मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम डिपो को आबंटित है। इस जमीन को पूर्व में तत्कालिक तहसीलदार अशोक व्यास ने नरेन्द्र उर्पâ नंदू विश्वकर्मा का नाम दर्ज करने के आदेश दिये है। प्रशासनिक सूत्रों का  कहना है कि रिकार्ड दुरुस्त नहीं होने के बाद भी   नामांतरण करने के आदेश दिये गये, इसके बाद अब जांच की गई और नामांतरण निरस्त कर जांच के साथ सुनवाई शुरु कर दी गई। तमाम औपचारिकता पूरी करने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी। 
फ्लैट खरीदने वालों की जान सासंत में……………..
आगा चौक के पास बनी अमृत हाईटस बिल्डिंग को लेकर शुरु से विवाद हावी रहा। इस जमीन के कब्जे को लेकर शुरु से विवाद चलता रहा, बिल्डिंग बनने के बाद भी कई बार विवाद की स्थिति बनी, लेकिन  बिल्डिंग तन गई और लोगों ने अपनी जमापूंजी लगाकर लोन लेकर फ्लैट खरीद लिया, कई फ्लैट बिक चुके है और कई लोग रहने लगे है। 
आगा चौक के पास जिस जमीन पर अमृत हाईटस का निर्माण किया गया है। वह सरकारी जमीन है और यह जमीन राज्यपरिवहन निगम को आबंटित थी, जांच के बाद नामातंरण निरस्त कर दिया गया है राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच में नियमों का उल्लंघन प्रकाश में आया हैं, वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है चूंकि सरकारी जमीन पर निर्माण हुआ है लिहाजा प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जायेगी।
प्रदीप मिश्रा, तहसीलदार

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