रायपुर: बाढ़ में नाव से लाइन सुधारने पहुंचे बिजली कर्मी, अधिकारी भी बोले- क्या बात है!
रायपुर. छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों हुई जोरदार बारिश (Heavy Rain) ने कई जिलों में तबाही मचा दी है. कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं. लगातार 3 से 4 दिन तक हुई बारिश ने पूरे सूबे को तरबतर कर दिया है. एक तरफ लोगों के घर डूब गए है, तो वहीं दूसरी तरफ लगातार हुई बारिश की वजह से अधिकांश क्षेत्रों में बाढ़ आ गया है. कई इलाकों में बाढ़ के पानी की वजह से बिजली के खंबे, लाइन, ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, तो वहीं कई इलाकों में बड़ी तकनीकी खराबी भी आ गई. ऐसे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी विद्युत कर्मियों (Electrical Workers) ने जान जोखिम में डालकर नाव के माध्यम से ट्रांसफार्मर और लाइन को सुधारने का साहस कर बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली की आपूर्ति को सही कर रहे हैं. बिजली कर्मियों की ऐसी सूझबूझ और साहस की पावर कंपनी के चेयरमैन सुब्रत साहू और प्रबंध निदेशक अशोक कुमार ने जमकर सराहना की है. उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मियों ने न केवल बाढ़ आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में बल्कि कोरोना संक्रमित काल में हॉटस्पॉट बने क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति को सतत बनाए रखने का चुनौती भरा कार्य पूरा किया है.
जब नाव से पहुंचे बिजली कर्मी…..
दरअसल, बेमेतरा जिले के ग्रामीण वितरण केंद्र के अंतर्गत शिवनाथ नदी की बाढ़ में ग्राम उसलापुर, बावा घंटोली, झिरिया की विद्युत लाइन और ट्रांसफार्मर में आई खराबी को सुधारने के लिए विद्युत कर्मियों ने डेढ़ किलोमीटर का सफर नाव से पूरा करके विद्युत आपूर्ति को बहाल किया है. इसी तरह शिवनाथ नदी के बाढ़ की चपेट में 11केवी बहेरघाट फीडर की सप्लाई बंद हो गई, जिससे बेमेतरा सब डिवीजन के ग्राम बहींगा, बहेरघाट, दमई, नवागांव बस्ती की विद्युत आपूर्ति बंद हो गई. नदी के किनारे स्थित खम्भे होने की वजह से दुर्घटना रोकने के लिए नाव पर सवार होकर कनिष्ठ अभियंता जीपी बंजारे, अमीतोश घोष, लाइन कर्मी रितेश,ओमेश्वर साहू, भीखम साहू, नांगेन्द्र सातपुते, हिमांशु ने विद्युत प्रणाली को दुरुस्त किया. साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था करके ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था को बहाल किया गया है.
