राहुल गांधी के सम्मान में बड़ी देर बाद शुरू हुआ इस्तीफे का दौर

जयपुर । जब से कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बुरी तरह पराजित किया है तभी से कांग्रेस के अंदर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने हार की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर इस्तीफा पार्टी को दे रखा है पर कुछ देशभर के कांग्रेसियों में राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे के साथ, चार सहप्रभारी विवेक बंसल, तरूण कुमार,देवेन्द्र यादव, काजी निजामुद्दीन में से केवल तरूण यादव ने राहुल गांधी का अनुसरण करते हुए अपना इस्तीफा दे दिया है सवाल यह है कि प्रदेश का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट में से किसी ने अभी तक हार की जिम्मेदारी लेने से कुरेज रखा है और कहा है कि हार की सामुहिक जिम्मेदारी तय मानता हूं। यही वो पेंच है कि राजस्थान में तमाम छोटे बडे कांग्रेसी कार्यकर्ता कह रहे है कि सभी 25 सीटें हारने का कारण एक दूसरे उम्मीदवार को हराने का मुख्य रहा है। साथ ही जो गांठ विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका मिला उस मौके में सचिन पायलट-अशोक गहलोत दोनो नेताओं के मुख्यमंत्री बनने के स्वार्थ टकरा गए दिल्ली आलाकमान की रजामंदी से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को और डिप्टी सीएम सचिन पायलट को बनाया गया पर राजनीति के विश्लेषक मानते है कि उस वक्त छिडी अंदरूनी मनभेद-मतभेदो की रार लोकसभा चुनाव में साफ दिखी और यही कारण रहा जिसका फायदा भाजपा को पूर्णरूप से मिल गया अब चूंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस्तीफा वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है तो बडी देर बाद राजस्थान के सहप्रभारी तरूण कुमार के इस्तीफे ने मुख्य पदो पर बैठे शेष बचे मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, प्रदेश प्रभारी, सहप्रभारी विवेक बंसल, देवेन्द्र यादव, काजी निजामुद्ीन की ओर ऊंगली जरूर उठा दी है कि पर उच्च पदो पर बैठे नेतागणों को भरोसा है कि राहुल गांधी अन्तोगत्वा इस्तीफा वापस ले लेंगे।

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