रिजर्व बैंक ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, यूपीआई से जुड़े सदस्यों के ऑडिट की जिम्मेदारी उसकी नहीं

नई दिल्ली । बैंकों की शीर्ष निगरानी संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश की सर्वोच्च अदालत के समक्ष कहा है कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) लेन-देन से जुड़े सदस्यों के ऑडिट की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। उसने कहा कि यह सुनिश्चित करने की जवाबदेही नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की है कि गूगल और व्हाट्सएप जैसी कंपनियां संबंधित नियमों का अनुपालन करें। आरबीआई ने शीर्ष अदालत में दिए गए हलफनामे में यह भी कहा कि आंकड़ों की निजता या गोपनीयता और उसे साझा करने से जुड़ा मामला केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार में आता है। केंद्रीय बैंक ने यह हलफनामा राज्यसभा सदस्य विनय विस्वम की याचिका के जवाब में दायर किया है और जनहित याचिका खारिज करने का आग्रह किया है। याचिका में न्यायालय से आरबीआई को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया है कि यूपीआई प्लेटफॉर्म पर जो भी आंकड़े प्राप्त किए जाते हैं, उसका दुरुपयोग नहीं हो। यूपीआई एक मोबाइल एप्लिकेशन है जिसके सहारे एक बैंक के खातेदार अपने सम्बद्ध खाते से दूसरे बैंक के खाते में धन का हस्तांतरण कर सकते है।
मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायाधीश एएस बोपन्ना और न्यायाधीश वी रामसुब्रमणियम की पीठ ने राज्यसभा सदस्य की याचिका पर सुनवाई के लिए एक फरवरी की तारीख मुकर्रर की है। आरबीआई ने हलफनामा में कहा कि, 'उसने छह अप्रैल, 2018 को परिपत्र जारी कर भुगतान प्रणाली से जुड़े आंकड़े के संबंध में निर्देश दिया था। इसमें आंकड़े साझा करने या निजता के बारे में कोई बात नहीं थी। आरबीआई ने तीसरा पक्ष एप्लीकेशन प्रदाता (टीपीएपी) या यूपीआई के भागीदारों द्वारा आंकड़ों को साझा करने के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया है। आंकड़ों की गोपनीयता और उसे साझा करने का मामला केंद्र सरकार के क्षेत्राधिकार में आता है।'
आरबीआई ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एनपीसीआई के पास है कि अमेजन, गूगल और व्हाट्सएप जैसी कंपनियां यूपीआई के संचालन से जुड़े कानून और नियमों का अनुपालन करें। केंद्रीय बैंक ने सांसद की याचिका में किए गए उस आग्रह को भी खारिज कर दिया, जिसमें यूपीआई लेन-देन से संबंधित कंपनियों के ऑडिट की जिम्मेदारी आरबीआई के पास होने की बात कही गयी थी। उसने कहा, 'यूपीआई से जुड़े सदस्यों के ऑडिट की जिम्मेदारी आरबीआई के पास है।' इससे पहले, शीर्ष अदालत ने पिछले साल 15 अक्टूबर को सांसद की याचिका पर आरबीआई और अन्य को नोटिस जारी किया था। याचिका में न्यायालय से आरबीआई को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया है कि यूपीआई प्लेटफॉर्म पर जो भी आंकड़े प्राप्त किए जाते हैं, उसका दुरूपयोग नहीं हो। उसने आरबीआई के अलावा केंद्र, एनपीसीआई और गूगल इंक, फेसबुक, व्हाट्सएप और अमेजन समेत अन्य से भी इस बारे में जवाब देने को कहा था।
