रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम पर प्रश्न चिन्ह लगाया पंजाब नेशनल बैंक के एमडी ने

नई दिल्ली । पंजाब नेशनल बैंक के एमडी एसएस मलिकार्जुन का कहना है, कि रिजर्व बैंक ने 6 अगस्त को मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंकों के लिए रिस्ट्रक्चरिंग के लिए जो शर्तें निर्धारित की हैं। उसका लाभ एमएसएमई को नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा स्कीम के तहत 25 करोड़ तक के बकाया कर्ज वाले लघु छोटे और मध्यम आकार के उद्योग ही दायरे में आएंगे। लेकिन इनकी नियम शर्ते इतनी जटिल है, कि उसका लाभ उन्हें मिलेगा, इसमें संदेह है।
मलिकार्जुन राव ने कहा जिनके भुगतान में 31 दिन से 60 दिन की देरी हुई है, वह एसएमए 1 खाते कहलाते हैं। एसएमए 2 खाते वह होते हैं। जिनके भुगतान में 61 से 90 दिन की देरी हुई है। उन्होंने कहा भुगतान में इससे अधिक देरी वाले खाते एनपीए में चले जाते हैं।राव के अनुसार केंद्रीय बैंक ने कर्ज की रिस्ट्रिक्टिंग की अनुमति सिर्फ एसएमए 0 खातों के लिए दी है। जिनके भुगतान में 30 दिन की देरी हुई हो। ऐसी स्थिति में 10 फ़ीसदी लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा कर्जदारों को भी रिस्ट्रक्चरिंग का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा।

Leave a Reply