रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की आज हाईकोर्ट में सुनवाई

जोधपुर. रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) की कंपनी से जुड़े बीकानेर के जमीन घोटाले तथा मनी लॉन्ड्रिंग केस (Land scam and money laundering case) में आज जोधपुर हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी. इस मामले में आज का दिन महत्वपूर्ण हो सकता है. आज कोर्ट ईडी के प्रार्थना पत्र को यदि स्वीकार कर लेता है तो रॉबर्ट वाड्रा की मुसीबत बढ़ जाएगी. न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी की कोर्ट में यह सुनवाई होगी.

जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले को लेकर पूर्व में बिचोलिये महेश नागर और स्काईलाइट होस्पिटिलिटी की ओर से राजस्थान उच्च न्यायालय में विविध आपराधिक याचिका 482 पेश की गई थी. इस पर सुनवाई करते हुए पहले हाईकोर्ट ने मामले में आरोपियों को आंशिक राहत प्रदान करते हुए नो कोर्सिव एक्शन यानी की गिरफ्तारी पर रोक के आदेश दिए थे.

ईडी ने भी दायर कर रखी है याचिका
उसके बाद इस याचिका में ईडी की ओर से एएसजी राजदीपक रस्तोगी ने एक अर्जी कोर्ट के समक्ष पेश कर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता बताते हुए कोर्ट से इसकी इजाजत मांगी थी. आज राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी की कोर्ट में इस इन दोनों याचिकाओं की सुनवाई होगी. दोनों याचिकायें आज मुख्य वाद सूची में क्रम संख्या 39 और 40 पर सूचीबद्ध हैं.

यह है पूरा मामला
यह पूरा मामला बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में जमीन खरीद से जुड़ा हुआ है. रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटेलिटी लिमिटेड ने साल 2012 में बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में दलाल महेश नागर के जरिए 270 बीघा जमीन 79 लाख रुपये में खरीदी थी. पूर्व में यह जमीन बीकानेर के कोलायत में भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए आवंटित की गई थी. इस जमीन से विस्थापित हुए लोगों के लिए दूसरी जगह पर 1400 बीघा जमीन आवंटित की गई थी. लेकिन इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार करवाकर वाड्रा की कंपनी को बेच दिया गया. जबकि सेना से संबंधित इस क्षेत्र की जमीन को बेचा नहीं जा सकता था.

वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन को पांच करोड़ रुपये में आगे बेच दिया था
वाड्रा की कंपनी ने क्षेत्र के गांवों में और भी जमीन खरीदने का प्रयास किया, लेकिन बाद में मामला आगे नहीं बढ़ पाया. फर्जी तरीके से जमीन के बेचने का मामला उजागर होने से पूर्व ही वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन को पांच करोड़ रुपये में आगे बेच दिया. मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले की ईडी ने जांच शुरू की थी. ईडी की पूछताछ से बचने के लिए वाड्रा लंबे अरसे से प्रयास करते रहे. उसके बाद हाईकोर्ट ने वाड्रा और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए वाड्रा को ईडी के समक्ष पेश होकर जांच में सहयोग करने के आदेश दिए थे. उसके बाद वाड्रा जयपुर में ईडी के समक्ष पेश भी हुए थे.

आज का दिन हो सकता है महत्वपूर्ण
इस मामले में आज का दिन महत्वपूर्ण हो सकता है. आज कोर्ट ईडी के प्रार्थना पत्र को यदि स्वीकार कर लेता है तो रॉबर्ट वाड्रा की मुसीबत बढ़ जाएगी. क्योंकि ईडी वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी. इसके चलते राजनीतिक पार्टियों सहित देश के तमाम लोगों की नजर आज वाड्रा के मामले में सुनवाई पर टिकी हुई है.

Leave a Reply