रोजाना दो हजार क्विंटल तक बिकने आ रहा पुराना गेहूं

भोपाल । राजधानी की नई करोंद मंडी में रोजाना दो हजार क्विंटल तक पुराना गेहूं बिकने आ रहा है। अभी नए गेहूं की आवक शुरु नहीं हुई है उसके पहले पुराने गेहूं की अच्छी आवक हो रही है। कारोबारियों का कहना है कि मार्च में नए गेहूं की मंडी में आवक होने लगेगी। इस बार फसल अच्छी है। इसलिए बंपर आवक की उम्मीद है।पिछले साल भोपाल ही नहीं, पूरे मध्य प्रदेश में गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ था। इसके चलते सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की थी। इसके बाद भी मंडियों में गेहूं की आवक कम नहीं हुई। लगातार गेहूं मंडियों में बिकने आ रहा है। करोंद मंडी में भी यही स्थिति है। यहां औसत 2 हजार क्विंटल गेहूं की आवक प्रतिदिन है। किसानों को प्रति क्विंटल भाव भी 1800 रुपये से अधिक मिल रहे हैं। करोंद मंडी में अनाज व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष हरीश ज्ञानचंदानी ने बताया कि बंपर उत्पादन होने से अधिकांश किसान समर्थन मूल्य पर सरकार एवं मंडियों में अपना गेहूं बेच चुके हैं। वहीं कई किसानों ने घरों में ही स्टॉक कर रखा था। चूंकि, मार्च से नए गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी। इसलिए सहेजकर रखा गेहूं किसान बेचने के लिए मंडी में ला रहे हैं। फरवरी में भी सिलसिला जारी रहेगा। मालूम हो ‎कि पिछले साल अतिवृष्टि और अफलन के कारण सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई थी। प्रति हेक्टेयर बहुत कम उत्पादन हुआ था। अधिकांश उपज दागी थी। इससे न सिर्फ किसानों का नुकसान हुआ, बल्कि मंडियों में भी सोयाबीन की आवक थम गई। पहले जहां सीजन में प्रतिदिन औसत 10 हजार क्विंटल तक सोयाबीन बिकने आता था, वह पिछले साल डेढ़ हजार क्विंटल तक ही रह गया। उधर, गेहूं की आवक बेहतर रही। पूरे साल ही आवक बनी रही।

Leave a Reply