लोकतंत्र के उत्सव में रंगा गैंगस्टर विकास दुबे का बिकरू गांव, 25 साल बाद प्रधानी के लिए डाले जा रहे वोट

कानपुर. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) के पहले चरण के अंतर्गत कानपुर (Kanpur) जनपद में भी मतदान जारी है. बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें कर रहे हैं. युवा हो या वृद्ध सभी में चुनाव को लेकर उत्साह है. हर कोई गांव की सरकार बनाने को उत्सुक है. कानपुर की बात करें तो यहां कुल 826 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है. कानपुर में 32 जिला पंचायत की सीटें हैं जबकि 590 प्रधान बनेंगे. पिछले साल मुड़भेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) के गांव बिकरू (Bikru Village) का भी नजारा इस बार चुनाव में बदला हुआ है. शिवराजपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इस गांव में भी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. सुबह 7:00 बजे से वोटिंग शुरू हो गई थी जो अनवरत जारी है.
आपको बता दें कि 25 साल बाद यहां मतदान हो रहा है. इससे पहले विकास दुबे अपने परिवार के लोगों या चहेतों को लड़ाता था और उसका प्रत्याशी निर्विरोध जीतता था. मतलब प्रधान की घोषणा विकास दुबे ही कर देता था, चुनाव तो खानापूर्ति ही महज होते थे. लेकिन, इस बार 25 साल बाद प्रधान पद के लिए 10 प्रत्याशी मैदान में हैं. डेढ़ हजार आबादी वाली इस पंचायत में गांव में लगे बैनर पोस्टर विकास दुबे की दहशत से आजादी का अहसास दिला रहे हैं. अब 25 साल के बाद पंचायत चुनाव में ग्रामीण जमकर वोट डालने के लिए घरों से बाहर निकले हैं. प्रत्याशी खुलकर चुनाव लड़ रहे है. पूरे इलाके में लोकतंत्र का परचम लहरा रहा है.
1995 में विकास बना था प्रधान
कुख्यात सरगना विकास दुबे 1995 में पहली बार अपने रुतबे की दम पर प्रधान बना था. जिसके बाद बिकरू समेत आसपास के इलाकों में विकास और उसके साथियों की दहशत के साए में ही चुनाव होते थे. विरोध करने वाले प्रत्याशियों को धनबल के जरिए दबा दिया जाता था. इस बार आरक्षित सीट पर 11 उम्मीदवारों ने निर्भीक होकर पर्चा भरा है.यह गांव मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे के कारण पूरे देश में चर्चित हो गया था. विकास दुबे ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए सीओ समेत कई पुलिसवालों को मौत के घाट उतार दिया था और फरार हो गया था. बाद में मध्य प्रदेश से लाते वक्त गाड़ी पलटने के दौरान भागने पर उसे मार गिराया गया था.
