वनरक्षक के सरकारी आवास से इमारती लकड़ी का जखीरा बरामद

भोपाल । डिंडौरी के करंजिया वन परिक्षेत्र के चौरादादर गांव में वनरक्षक के सरकारी आवास से इमारती लकड़ी का जखीरा बरामद होने के बाद अधिकारी भी दंग रह गए। इस मामले में वनरक्षक विकास सोनवानी के साथ डिप्टी रेंजर भरत राय पर ग्रामीणों ने लकड़ी तस्करी का गंभीर आरोप लगाया है। बताया गया कि गणतंत्र दिवस की रात वनरक्षक डिप्टी रेंजर के साथ मिलकर बेशकीमती लकड़ी तस्करी करने वाले थे। ग्रामीणों ने घेरकर लकड़ी तस्करी नहीं होने दी। इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंचकर संरक्षित प्रजाति में शामिल बीजा की लकडिय़ां जब्त की गई हैं। करंजिया वन परिक्षेत्र में लगातार अवैध लकड़ी कटाई के साथ वन्य प्राणियों के शिकार होने का मामला सामने आ रहा था। वनरक्षक के यहां 16 नग लकड़ी की पटिया, दो नग बने खुरे के साथ दो नग सिल्ली बरामद हुई है। यह खेल लंबे समय से चल रहा था। जंगल से बेशकीमती लकड़ी कटवाकर वनरक्षक सहित अन्य अमला फर्नीचर बनवाकर तस्करी करते हुए लाखों कमा रहे थे।

ग्रामीणों ने घेरकर पकड़ा
विभाग अमले ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया गया है उसमें भी यह स्पष्ट किया गया कि वनरक्षक नाका दक्षिण चौरादादर के यहां बेशकीमती लकडिय़ां जब्त हुई हैं। 26 जनवरी की रात आठ से नौ बजे के बीच सरपंच के मार्गदर्शन में वनरक्षक के आवास का दरवाजा खुलवाकर जांच की गई तो यहां पटिया मिलीं। रात में ताला लगाकर आवास को सील कर दिया गया। सुबह प्रशिक्षु आइएफएस अधिकारी हरिओम शर्मा ने सरपंच की मौजूदगी में ताला खुलवाकर जांच की तो यहां बड़ी मात्रा में लकडिय़ां जब्त हुईं। ग्रामीणों ने वन्य प्राणियों के शिकार की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।

इनका कहना है
वनरक्षक के सरकारी आवास से 16 नग पटिया, चार खुरे व दो सिल्ली ग्रामीणों की सूचना पर बरामद की है। डिप्टी रेंजर, वनरक्षक के साथ चौकीदार से पूछताछ की जा रही है। लकड़ी को जब्त कर वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया है। मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में डिप्टी रेंजर की भी भूमिका सामने आ रही है।
एके शर्मा, एसडीओ वन विभाग डिंडौरी

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