विवाह पंचमी, मनचाहा वर पाने के लिए करें ये उपाय

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन विवाह पंचमी पर्व मनाया जाता है. यह वही दिन है जब भगवान राम व माता सीता विवाह के पावन बंधन में बंधे थे.इस दिन राम मंदिरों में विशेष आयोजन किया जाता है. भगवान राम और माता सीता भारतीय जनमानस में प्रेम, समर्पण, उदात्त मूल्य और आदर्श के परिचायक पति-पत्नी हैं। राम और सीता जैसा समर्पण पुराणों में विरले ही देखने को मिल जात हैं.
शुभ मुहूर्त
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष तिथि आरंभ- 07 दिसंबर 2021 को रात्रि 11 बजकर 40 मिनट से
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष तिथि समाप्त- 08 दिसंबर 2021 को रात 09 बजकर 25 मिनट पर
मिलता है मनचाहा वर
इस दिन भगवान श्री राम और माता सीता की पूजा-अर्चना और उपासना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्री राम और माता सीता की श्रद्धापूर्वक पूजा-अराधना करने से मनचाहा वर की प्राप्ति होती है. विवाहितों के सौभाग्य में वृद्धि होती है.
पूजन विधि
पंचमी तिथि को प्रातः उठकर स्नानादि करने के पश्चात भगवान राम का ध्यान करें
एक चौकी पर गंगाजल छिड़ककर उसे शुद्ध करें और आसन बिछाएं
अब चौकी पर भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा स्थापित करें
राम जी को पीले और सीता जी को लाल वस्त्र अर्पित करें
अब दीप प्रज्वलित करके तिलक करें और फल-फूल नैवेद्य अर्पित करते हुए पूजन करें
इस दिन पूजन के दौरान बालकाण्ड में दिए गए विवाह प्रसंग का पाठ करना चाहिए
इसके साथ ही इस दिन रामचरितमानस का पाठ करने से घर में सुख-शांति आती है
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