शर्मनाकः बेटे की चाहत में जीवित बेटी को मरा बताकर झाड़ियों में फेंका

संगीता जबरन अस्पताल से छुट्टी लेकर अपने घर आ गई. रात में ही मौका देखकर बच्ची का नाना शंभु पासवान बच्ची को लेकर घर से निकला और उसे जिंदा ही झाड़ियों में फेंक आया.
गुजरात के सूरत में एक शख्स अपनी नवजात जिंदा नातिन को मृत बताकर झाड़ियों में फेंक आया. उसने अपने दामाद को बच्ची के मरे होने की बात कही और उसे वहां से दफनाने का बहाना बनाकर ले गया. और फिर उसे झाड़ियों में फेंक आया. बच्ची के पिता को इस बात की भनक तक नहीं लगी.

यह शर्मनाक मामला सूरत के पांडेसरा इलाके का है. पुलिस के मुताबिक ये पूरी साजिश नवजात बच्ची की मां और नाना ने रची थी. बापू नगर में रहने वाले वीरेंद्र पाल की पत्नी संगीता पहली बार मां बनी. उसने बीती 30 अगस्त को सिविल अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया. लेकिन संगीता और उसके घरवाले बेटा चाहते थे.

जब संगीता ने बेटी को जन्म दिया तो उसके मायके वाले मायूस हो गए. 4 सितंबर की शाम को संगीता ने जबरन अस्पताल से छुट्टी ले ली. डॉक्टरों ने उसे जाने से मना भी किया लेकिन वो नहीं मानी और अपने घर आ गई. रात में ही मौका देखकर बच्ची का नाना शंभु पासवान बच्ची को लेकर घर से निकला और उसे जिंदा ही झाड़ियों में फेंक आया.

संगीता का पति वीरेंद्र इस बात से पूरी तरह अंजाम था. वो बच्ची के उज्जवल भविष्य का सपना देख रहा था. लेकिन जब वो घर लौटा तो उसकी पत्नी और ससुर ने उसे बच्ची के मर जाने की कहानी सुना दी. और उसने उन दोनों की बात मान भी ली.

बुधवार की सुबह किसी राहगीर ने झाड़ियों से बच्ची के रोने की आवाज सुनी. उसने पास जाकर देखा तो वहां मासूम बच्ची रो रही थी. उसने और लोगों को भी इस बारे में बताया. जब जाकर मामला पुलिस तक पहुंचा. पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को बरामद कर लिया.
पुलिस को बच्ची के साथ ही सबसे बड़ा सुराग भी मिल गया. दरअसल, बच्ची के हाथ पर अस्पताल का बैंड बंधा हुआ था. उसी के जरिए कुछ ही घंटों में पुलिस अस्पताल पहुंच गई. जहां से बच्ची के परिवार का पता चल गया. इसके बाद पुलिस ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया.

छानबीन और पूछताथ के बाद बच्ची की आरोपी मां संगीता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. हालांकि इस वारदात को अंजाम देने वाला बच्ची का नाना अभी तक फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

 

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