शहर में चलाई जाएंगी 600 नई बसें-स्वायत्त शासनमंत्री

जयपुर । स्वायत्त शासन मंत्री शांतिलाल धारीवाल ने राज्य विधानसभा में विधायक कालीचरण सराफ के मूल प्रश्न के उत्तर में कहा कि शहर में जल्दी ही 600 नई बसें चलाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि इनमें 300 डीजल और 300 इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इन एसी और नॉन एसी दोनों प्रकार की बसों के आने के बाद शहरवासियों को राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पिछली 10 मई को बोर्ड की बैठक में कुल 600 नई बसें खरीदने की योजना बनाई गई है। इन बसों का संचालन ग्रोस क्रॉस पीपीपी हाइमॉडल पर किया जाएगा। इससे राज्य सरकार पर 100 करोड़ रुपए का आर्थिक भार आएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने हैवी इंडस्ट्री विभाग, भारत सरकार को लिखा है। इसके अलावा एनटीपीसी के द्वारा इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव भी मिला है। उनका परीक्षण किया जा रहा है। यदि यह सही और राज्य हित में पाया गया तो इन पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लो फ्लोर बसों का संचालन वर्ष 2010-2011 से शुरू हुआ था। तब 280 बसों का लॉट खरीदा गया था। वर्ष 2012 में 30 नॉन एसी मिनी बसें खरीदी गईं और 2013 में 108 बसें खरीदी गईं थीं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने 103 बसें जो नाकारा हो गई थीं, उन पर भी कोई कार्यवाही नहीं की। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के संबंध में केवल एक आवेदन प्राप्त हुआ जिसमें विशाल बाबू जोस को 2 लाख रुपए दिए गए और घायल को 10 हजार रुपए दिए गए। इसके अलावा कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। धारीवाल ने कहा कि जेसीटीएसएल द्वारा 508 वाहनों का क्रय किया गया। वर्तमान में जेसीटीएसएल द्वारा 250 लो-फ्लोर बसें, 13 मिनी बसें एवं 30 मिनी बसें संचालित है। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जेसीटीएसएल की 293 बसें चालू हालत में है। कुल 508 वाहनों में से 103 लो-फ्लोर बसें नकारा घोषित की जा चुकी है एवं 112 नकारा किए जाने के लिए प्रक्रियाधीन है, यह बसें मार्ग पर संचालित नहीं हैं। धारीवाल ने विगत तीन वर्षों में उक्त बसों द्वारा हुई दुर्घटनाओं का विवरण देते हुए बताया कि 2016 में 26 दुर्घटनाएं हुईं जिनमें मृतकों की सख्ंया 7 और 23 घायलों की संख्या रही। इसी तरह 2017 में दुर्घटनाओं की संख्या 40 रही, जिसमें मृतकों की संख्या 9 और घायलों की संख्या 35 रही। इसी तरह 2018 में 37 दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या 4 और दुर्घटनाओं की संख्या 11 रही।
