शादी के इरादे से भागी नाबालिग को बीच रास्ते में छोड़ गया प्रेमी, फिर शुरू हुई दर्दनाक कहानी

शादी के इरादे से घर से फरार हुई नाबालिग को उसका प्रेमी बीच रास्ते में ही छोड़ गया।इसके बाद नाबालिग को कई दिन तक दरिंदगी का सामना करना पड़ा। घर से भागने के बाद पहले नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ, फिर उसके बाद एक आरोपित उसे बंधक बनाकर अपने साथ ले गया। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर नाबालिग को छुड़ा लिया है और आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
हुआ यूं कि 15 वर्षीय नाबालिग 9वीं क्लास की छात्र है। गत 27 मई को वह प्रेमी के साथ भाग गई। रात दो बजे दोनों रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 पर पहुंचे। वहां सतनाम सिंह व विक्की रेलगाड़ी के डिब्बों की सफाई का काम कर रहे थे। दोनों की नजर जब उन पर पड़ी तो आरोपितों ने प्रेमी को इतना कह डरा धमकाकर भगा दिया कि वो लड़की को पुलिस के हवाले करने जा रहे हैं।
प्रेमी के भागते ही दोनों नाबालिग को थाने ले जाने का बोल कर मालगाड़ी के डिब्बे में ले गए। जहां दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वहां से विक्की वापस अपने घर चला गया। इसके बाद अारोपित सतनाम उसे अपने साथ ब्यास ले गया। जहां उसने चार दिन तक उसे ब्यास रेलवे क्वार्टर में रखा। आरोपित का पिता रेलवे में हेल्पर की नौकरी करता है, जिसके चलते उसे सरकारी क्वार्टर मिला हुआ है।
वहीं 28 मई को पुलिस ने लड़की का साथ छोड़ भागे प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में लड़की के प्रेमी ने सारी बात पुलिस को बताई। इसके बाद पुलिस रेलवे के सफाई ठेकेदार सतीश के पास पहुंची। जहां से पुलिस को विक्की के बारे में पता चला। 30 मई को पुलिस ने विक्की को गिरफ्तार कर लिया।
शादीशुदा विक्की एक बेटे का पिता है। विक्की से हुई पूछताछ में पुलिस को सतनाम सिंह का पता चला।पुलिस ने ब्यास में दबिश देकर उसे गिरफ्तार करके नाबालिग को उसके चंगुल से मुक्त कराया। हवलदार सुरिंदर कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान पता लगाया जाएगा कि सतनाम नाबालिग को ब्यास तक कैसे लेकर गया। उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
तीन दिन के रिमांड पर भेजे आरोपित
पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करके रविवार अदालत में पेश किया गया। जहां से तीन दिन का रिमांड हासिल करके कड़ी पूछताछ की जा रही है। सब इंस्पेक्टर परमिंदर कौर ने बताया कि आरोपितों की पहचान ब्यास रेलवे कॉलोनी निवासी सतनाम सिंह और लुधियाना के डॉ. आंबेडकर नगर निवासी विक्की के रूप में हुई है।
भागदौड़ में पुलिस के खर्च हुए 35 हजार
सुरिंदर कुमार ने कहा कि नाबालिग की तलाश और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम छह दिन से भाग दौड़ कर रही थी। उसके लिए प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें पुलिस का करीब 35 हजार रुपये खर्च आ गया। सरकार और परिवार की और से पुलिस को कोई सहयोग नहीं मिला।
