श्रीदेवी के जाने के बाद बहन खुशी ने ली जाह्नवी कपूर की जिंदगी में मां की जगह

मुंबई। श्रीदेवी को खोने का दर्द कपूर फैमिली शायद ही कभी भुला सकेगी। लेकिन समय के साथ सभी को आगे बढ़ते रहना पड़ता ही है। ऐसा ही जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर और बोनी कपूर के साथ हुआ है। आज भी उन्हें श्रीदेवी की याद सताती है, पर वे मिलकर और एक-दूसरे का सपोर्ट करते हुए खुद को आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। जाह्नवी कपूर ने बताया था कि मां को खो देना उनके लिए ऐसा सदमा है, जिसे वह कभी भुला नहीं सकेंगी। अदाकारा ने बताया था कि जिस तरह श्रीदेवी उनका ख्याल रखती थीं, वैसा अब उनकी बहन खुशी और पिता बोनी कपूर रखते हैं। ऐक्ट्रेस ने बताया था कि जब उन्हें सोने में परेशानी होती थी, तो मां श्रीदेवी उन्हें सुलाती थीं। अब उनके जाने के बाद खुशी उनके लिए ऐसा करती हैं। अदाकारा ने ये भी बताया था कि जब वह ट्रोल की जाती हैं, तो उन्हें भी बुरा लगता है। ऐसी सिचुएशन में खुशी उन्हें इन चीजों पर ध्यान नहीं देने और आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करती हैं। जाह्नवी और खुशी जिस तरह से मां को खोने के बाद खुद को संभाल पाई हैं, उसके पीछे की बड़ी वजह इनका स्ट्रॉन्ग बॉन्ड है। एक स्टडी में सामने आया कि जिंदगी में बहन का होना व्यक्ति को अकेलेपन, डर जैसी कई नेगेटिव फीलिंग्स से प्रटेक्ट करता है। इसके साथ ही ये रिश्ता दयालु बनने में भी मदद करता है। स्टडी की मानें, तो ये प्रभाव माता-पिता का बच्चे पर पड़ने वाले प्रभाव से भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग होता है। इन पॉजिटिव चीजों के कारण ही मेंटल हेल्थ को भी हेल्दी रखने में मदद मिलती है। स्टडीज की मानें, तो व्यक्ति के जीवन में जब कुछ बुरा होता है या फिर वह नकारात्मक महसूस करता है, तो ऐसे समय में बहन का होना उसे स्ट्रेस से लड़ने में मदद करता है। सिस्टर के साथ से मिलने वाला सपोर्ट और इमोशनल स्ट्रेंथ, उसे पॉजिटिव सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। ये उसे मुश्किल समय का सामना करने की हिम्मत और उससे उबरने में मदद करता है।
