सचिवालय में तैनात 44 पुलिसकर्मियों का जाब्ता होगा लाइन हाजिर, जानिए क्या है पूरा मामला

जयपुर. मारपीट मामले में सचिवालय (Secretariat) में दो पुलिस कांस्टेबलों को सस्पेंड करने की सहमति के बाद कर्मचारियों का प्रदर्शन समाप्त हो गया. सचिवालय कर्मचारी संगठनों की आला पुलिस अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में हेड कांस्टेबल छितरमल और वजीर (Constable Chitermal And Wazir) को सस्पेंड करने की सहमति बनी. साथ ही सचिवालय में तैनात 44 पुलिसकर्मियों का जाब्ता लाइन हाजिर होगा. अब माना जा रहा है कि जल्दी पुलिसकर्मियों के सस्पेंड (Suspend) करने के आदेश जारी होंगे. इसके बाद 44 पुलिसकर्मियों का जाब्ता लाइन हाजिर होगा. उनके स्थान पर नए पुलिसकर्मी सचिवालय की सुरक्षा संभालेंगे.
कर्मचारियों ने बताया कि SO सुरक्षा मनीष पारीक और दो कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ में मारपीट की गई है. पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की और बाद में पुलिस थाने उठाकर ले गए. आरोप लगाया गया कि एसीपी संजीव कुमार ने भी SO सुरक्षा मनीष पारीक और कर्मचारियों के साथ अभद्रता की. कर्मचारियों ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. कर्मचारी संगठनों ने पुलिसकर्मियों को सस्पेंड के लिए मुख्य सचिव निरंजन आर्य को ज्ञापन भी दिया था. कर्मचारियों ने दिनभर सचिवालय में विरोध प्रदर्शन किया. कर्मचारी नेताओं का कहना था कि पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए.
घटना 24 दिसंबर की
मामले के मुताबिक 24 दिसंबर की रात्रि करीब 11:00 बजे अनुभागाधिकारी मनीष पारीक अपनी टीम के साथ सचिवालय में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे. इस दौरान सीएमओ के पास पॉइंट पर वह सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे, तभी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की ओर से उनके साथ अभद्रता की गई. इसके बाद मामला गरमा गया. जिसके बाद पुलिसकर्मियों की ओर से सचिवालय कर्मचारियों से मारपीट करने के आरोप लगे. घटना के बाद सचिवालय के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने मुख्य सचिव निरंजन आर्य को ज्ञापन दिया और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. कर्मचारियों का कहना था कि पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की है. इसलिए उन्हें दंडित किया जाए.
