समय का सही उपयोग करना जरूरी

दिल्ली | अगर आप कुछ ठान लें और उसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता है। यह साबित कर दिखाया है दक्षिण दिल्ली इलाके के कालकाजी के गिरी नगर निवासी ममता यादव ने। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के फाइनल परिणाम 2020 में ममता यादव ने पांचवीं रैंक हासिल की है।
मूलरूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी ममता यादव ने अपने पहले ही प्रयास में 2019 में 556वीं रैंक हासिल की थी और वह इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विसेज की ट्रेनिंग कर रहीं थीं, लेकिन उनका लक्ष्य था अच्छी रैंक लाकर आइएएस बनना। यही वजह थी कि ट्रेनिंग के साथ उन्होंने तैयारी भी जारी रखी और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। ममता कहती हैं कि सिविल सर्विसेज में जाकर देश व लोगों की सेवा करने का मौका मिलेगा।
ममता यादव ने बताया कि उन्होंने अपने पिछले रिजल्ट का विश्लेषण किया और कमियों को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत की। इस बार भी उन्होंने फिजिक्स को ही विकल्पीय विषय रखा। रोज नौ से दस घंटे तक पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए समय देना पड़ता है। समय का सही उपयोग और पूरी प्लानिंग के साथ परीक्षा दी जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।
दिल्ली में ही हुई पूरी शिक्षा
ममता के पिता अशोक यादव एक निजी कंपनी में काम करते हैं और मां सरोज यादव गृहिणी हैं। ममता के बड़े भाई एक्साइज इंस्पेक्टर हैं और फिलहाल कोल्हापुर में तैनात हैं। ममता की पूरी शिक्षा दिल्ली में ही हुई है। उन्होंने ग्रेटर कैलाश स्थित बलवंत राय मेहता स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की और उसके बाद डीयू के हंिदूू कालेज से फिजिक्स आनर्स किया। ममता ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ने में काफी तेज थीं।
गौरतलब है कि संघ लोक सेवा आयोग ने एक दिन पहले शुक्रवार को सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2020 के लिए अंतिम परिणाम घोषित किया। सिविल सर्विसेज मेन एग्जाम 2020 में शुभम कुमार ने टाप किया है। इसके बाद जागृति अवस्थी ने दूसरा, जबकि अंकिता जैन ने तीसरा स्थान पाया है। इस परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवारों ने क्वालीफाई किया है।
