सरकार छुपा रही मौत की हकीकत, भोपाल में एवरेज 14 मौत, रिकॉर्ड में 6

भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना रोके नहीं रुक रहा. चाहे लॉकडाउन हो या गाइडलाइंस का पालन, किसी भी तरीके से इसकी रफ्तार कम नहीं हो रही. इस बीच ये भी खबर है कि सरकार कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों का सही आंकड़ा छुपा रही है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कोरोना संक्रमण से 27 मार्च से 1 अप्रैल के बीच महज 6 मौतें हुई हैं, जबिक शहर के विश्राम घाट पर रोज करीब 14 ऐसे शव पहुंच रहे हैं, जिनका अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है.जानकारी के मुताबिक, 27 मार्च से 1 अप्रैल के बीच 102 शवों को अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया. इन शवों में से 55 संक्रमित शव अकेले भोपाल से हैं. इन दिनों में भदभदा विश्राम घाट पर 84 शवों का अंतिम संस्कार किया गया. इनमें से 41 शव राजधानी के थे. इस हिसाब गणना करें तो रोज करीब 14 शव यहां पहुंच रहे हैं.
कब्रिस्तान भी लाए गए भोपाल के कई शव
बता दें, भोपाल में भदभदा, सुभाष नगर विश्राम घाट और झदा कब्रिस्तान में ही कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार किया जाता है. यहां केवल भोपाल ही नहीं, आसपास के जिलों से भी शव लाए जाते हैं. 27 मार्च से 1 अप्रैल के बीच सुभाष नगर विश्राम घाट पर भोपाल के 9 शव लाए गए, जबकि झदा कब्रिस्तान में 9 शव दफनाए गए, जिनमें से 5 भोपाल के थे.
मध्य प्रदेश में कोरोना बेकाबू
मध्य प्रदेश में कोरोना का संक्रमण बेकाबू होता हुआ नजर आ रहा है. प्रदेश में एक ही दिन में 3178 नए मरीज मिले हैं. पूरे कोरोना काल में यह आंकड़ा पहली बार देखने को मिला है. यह आंकड़ा सामने आने के बाद एमपी देश में अब आठवां राज्य बन गया है, जहां सबसे तेजी से नए संक्रमित बढ़ रहे हैं. प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 21 हजार को पार कर गई है. 1 महीने में सबसे ज्यादा 7 गुना मरीज बढ़े हैं. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, भोपाल में एक दिन में 547 और इंदौर में 788 नए मरीज सामने आए हैं.इस बीच प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर सख्ती भी तेज की जा रही है. महाराष्ट्र की सीमा सील कर दी गई है, छत्तीसगढ़ से आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है. राजस्थान सीमा पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है. सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. नई कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक, बाहर से कोई संक्रमित आता है तो निगरानी के बाद उसे आइसोलेट किया जाएगा. हालांकि सरकार ने पड़ोसी राज्यों से जरूरी सामानों के परिवहन को जारी रखने का फैसला किया है.
