सर्दी बढने के साथ भगवान को पहनाये गर्म कपड़े गुड़ तिल के लड्डू, मेथी के पराठे से लगाया जा रहा है भोग

ग्वालियर| सर्दी का मौसम जैसे-जैसे अपने शबाब पर पहंुचता जा रहा है आमजन जीवन भी इससे प्रभावित हो रहा है इतना ही नहीं भगवान के मंदिर भी सर्दी की चपेट में आने से अछूते हैं और एैसे में भक्तों द्वारा अपने भगवान को ठंड के प्रकोप से बचाने के लिए अभिषेक भोग और श्रंगार की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ग्वालियर के जनक गंज स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रभु श्री लक्ष्मी नारायण भगवान को इन दिनों अलग-अलग तरह के गर्म कपड़ों में आप देख सकते हैं यह गर्म कपड़े भगवान के लिए मथुरा से मंगाए गए हैं जिसमें कंबल स्वेटर ऊन से बनी टोपे और मखमल के कपड़े शामिल है साथ ही मंदिर खुलने और बंद होने के समय में भी बदलाव हुआ है इसके साथ ही भगवान को दिए जाने वाले भोग में भी बदलाव किया गया है और भगवान को मेथी के पराठे और गुण-तिल्ली के लड्डू परोसे जा रहे हैं साथ ही भगवान का अभिषेक भी गर्म पानी से कराया जा रहा है। सर्दी को देखते हुए मंदिर के पट खुलने और बंद होने के समय में भी बदलाव हुआ है पहले मंदिर के पट सुबह 5रू00 बजे खुल जाया करते थे अब वह 7रू00 बजे से 12रू00 बजे तक खोले जाते हैं साथ ही शाम समय में भी बदलाव हुआ है जिसमें मंदिर के पट अब 4रू30 बजे से 9रू30 बजे तक खुलते हैं पहले 5रू30 बजे से 11रू00 बजे तक मंदिर को खोला जाता था
सर्दी को देखते हुए श्री लक्ष्मी नारायण भगवान को इस समय सभा गर्म पानी से स्नान कराया जाता है साथ ही भगवान को लगने वाले भोग में भी बदलाव आया है सर्दी को देखते हुए प्रभु के भोग में गुड रेवड़ी मेथी के लड्डू गर्म दूध आलू के पराठे तथा गजक से उनको सुबह और शाम के भोग लगता है और भगवान को गर्म दूध परोसा जाता है
कहने को तो इंसान को भी भगवान ने ही बनाया है लेकिन मौसम में हो रहे परिवर्तन को देखते हुए भक्त जिस तरह खुद का सर्दी से बचाव कर रहे हैं उनका सोचना है कि उनके आराध्य को भी किसी तरह का कष्ट न हो जिसको देखते हुए इस तरह के उपाय किए जा रहे हैं। और यह बदलाव कार्तिक एकादशी से शुरू होकर रंग पंचमी तक रहेगा।
