सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने बैरिकेड्स तोड़े, गणतंत्र दिवस समारोह से पहले दिल्ली में एंट्री

नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस से इजाजत मिलने के बाद आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली में 'ट्रैक्टर परेड' निकालेंगे। इसके लिए पूरी तैयारी लगभग हो चुकी है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए हैं और दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले घुसने की कोशिश कर रहे हैँ।
आपको बता दे कि इससे पहले किसानों ने परेड के लिए ट्रैक्टरों को साफ कर चमकाया है। तिरेंगे और बैनर लगाए गए हैं। गणतंत्र दिवस समारोह और किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर राजपथ और राष्ट्रीय राजधानी की कई सीमाओं पर हजारों सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
तीन विवादित कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संघों ने कहा कि उनकी परेड मध्य दिल्ली में प्रवेश नहीं करेगी और यह गणतंत्र दिवस पर होने वाली आधिकारिक परेड के समापन के बाद ही शुरू होगी। संघों ने दावा किया है कि उनकी परेड में करीब दो लाख ट्रैक्टरों के हिस्सा लेने की उम्मीद है और यह सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर तथा गाज़ीपुर (यूपी गेट) से रवाना होगी।
मीडिया रिपोर्टर्स के मुताबिक, किसानों ने गणतंत्र दिवस समारोह से पहले ही दिल्ली में घुसने की कोशिश की है। सुबह-सुबह सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेट्स तोड़ दिए। वहीं, लोनी सीमा पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रात में ही दिल्ली में घुसने की कोशिश की।
जय किसान आंदोलन (स्वराज अभियान) के प्रवक्ता ने बताया कि ट्रैक्टर मार्च पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर शुरू होने की संभावना है और इसके 10 से 12 घंटे तक चलने की उम्मीद है। आपको बा दें कि कुछ ट्रैक्टर आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। संगरुर के किसान परिवार से संबंध रखने वाले कलाकार परमिंदर सिंह अपनी एक पेंटिंग के जरिये किसानों के साथ एकजुटता प्रकट करेंगे, इस तस्वीर में किसान के गले में काला सांप लिपटा हुआ दिखाई दे रहा है जो तीन कृषि कानूनों का प्रतिनिधित्व करता है।
सिंघू बार्डर पर मौजूद स्वयंसेवक जरनैल सिंह ने कहा, ''रैली में सबसे आगे हमारा सबसे पवित्र ग्रंथ होगा। हम 'प्रसाद बांटेंगे और श्रद्धालु दर्शन करेंगे। गुरु ग्रंथ साहिब वाले पवित्र वाहन के पीछे लोग पैदल चलेंगे और उनके पीछे ट्रैक्टर होंगे।''
