सीजेआई गोगोई की दखल से सुलझा विवाद, जस्टिस राकेश को फिर से मिला न्यायिक काम

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के दखल के बाद पटना हाईकोर्ट का विवाद सुलझ गया है। न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने पर न्यायिक काम से हटाए गए वरिष्ठ जस्टिस राकेश कुमार ने सोमवार को फिर से मामलों की सुनवाई शुरू की। यह जानकारी कोर्ट सूत्रों ने दी।
सूत्रों का कहना है कि जस्टिस कुमार और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एपी शाही ने नई दिल्ली में सीजेआई गोगोई से मुलाकात की थी। इसी बैठक में विवाद का समाधान निकाला गया। दोनों के वहां से आने के बाद रविवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने जस्टिस राकेश कुमार की बेंच के गठन की सूचना जारी की। उन्हें सोमवार को पहली पाली में एकल पीठ और दूसरी पाली में डिवीजन बेंच का दायित्व सौंपा गया।
जस्टिस राकेश ने 28 अगस्त को अपने एक फैसले के दौरान कहा था कि कोर्ट प्रशासन भ्रष्टाचार का संरक्षक है। उन्होंने यह सख्त टिप्पणी पूर्व आईएएस अधिकारी रमैया के मामले की सुनवाई के दौरान की थी। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद भी निचली अदालत ने उन्हें कैसे जमानत दे दी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस न्यायिक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित हो चुका है, उसे बर्खास्त करने की जगह मामूली सजा देकर छोड़ दिया जाता है। इसके अगले ही दिन मुख्य न्यायाधीश शाही की अध्यक्षता में 11 जजों की एक पीठ ने जस्टिस राकेश कुमार के फैसले को निलंबित कर दिया था और उन्हें न्यायिक कार्यों से भी विरत कर दिया गया था।
