सोनीपतः गन्नौर में मस्जिद में सो रहे इमाम और उनकी पत्नी की हत्या, जमीन विवाद का है मामला

गन्नौर (सोनीपत)। गांव मनिक माजरी में मस्जिद के पीछे बने कमरे में सो रहे इमाम और उनकी पत्नी की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। रविवार सुबह जब लोग मस्जिद में पहुंचे तो उन्हें वारदात का पता लगा। उन्होंने मामले की सूचना थाना गन्नौर पुलिस में दी।
सूचना मिलते ही डीएसपी हेड क्वार्टर जितेंद्र कुमार और गन्नौर थाना प्रभारी दिनेश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाकर सबूत जुटाए। बाद में शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने ग्रामीण खुर्शीद की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मूलरूप से पानीपत के गांव मोहाली निवासी इरफान (38) चार वर्षों से मानिक माजरी गांव की मस्जिद में रह रहे थे। वह मस्जिद में इमाम थे। वह अपनी पत्नी यास्मीन उर्फ मीना (24) के साथ मस्जिद के पीछे बने कमरे में रहते थे। इरफान सुबह अजान पढ़ता था, लेकिन रविवार की सुबह इरफान ने अजान नहीं पढ़ी। समुदाय के लोग मस्जिद पहुंचे तो वहां इरफान नहीं मिला। वह उसे देखने इरफान के कमरे में गए तो वहां इरफान और उनकी पत्नी यास्मीन के शव खून से लथपथ पड़े थे। कमरे में भी हर तरफ खून बिखरा था।

उन्होंने मामले की सूचना गांव आहुलाना के सरपंच हरेंद्र को दी। जिस पर थाना गन्नौर पुलिस को अवगत कराया गया। सूचना के बाद डीएसपी हेड क्वार्टर जितेंद्र कुमार और गन्नौर थाना प्रभारी दिनेश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर घटना स्थल का मुआयना किया। टीम ने एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाकर सबूत जुटाए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भिजवा दिया। पुलिस ने ग्रामीण खुर्शीद के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

जमीनी विवाद में हत्या का शक
घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की शाम गांव में दो गुटों में जमीन को लेकर विवाद हो गया था, जिसमें एक गुट ने इमाम को भी धमकी दी थी। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद से धमकी देने वाले गुट के सदस्य गांव से गायब हैं। उन्हें शक है कि इसी को लेकर इमाम व उनकी पत्नी की हत्या की गई है।

इमाम और उनकी पत्नी की नजर थी कमजोर
ग्रामीणों ने बताया कि इमाम इरफान और उनकी पत्नी यास्मीन को आंखों से काफी कम दिखता था। उनका व्यवहार काफी मृदु था। उनका कभी किसी के साथ कोई विवाद नहीं हुआ। वे केवल अजान पढ़ते थे और अपने कमरे में रहकर गुजर बसर करते थे।

सुबह पांच बजे नहीं पढ़ी अजान
इमाम इरफान पिछले चार वर्ष से सुबह पांच बजे ही अजान पढ़ते थे। वह समय के पाबंद थे। सुबह जब पांच बजे अजान नहीं पढ़ी गई तो लोगों ने समझा कि कुछ देरी हो गई होगी। बाद में जब आधा घंटा तक अजान नहीं पढ़ी गई तो लोगों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जिस पर हत्या की वारदात का पता लगा।

नौ माह पहले किया था निकाह
इमाम इरफान चार साल से मनिक माजरी में रहते थे। उन्होंने नौ माह पहले ही दिल्ली के गांव बख्तावरपुर की यास्मीन उर्फ मीना से निकाह किया था। निकाह के बाद दोनों मस्जिद के पीछे बने कमरे में रहने लगे थे। इमाम के सिर पर किसी ठोस वस्तु से हमला करने का निशान है। साथ ही धारदार और उनकी पत्नी पर नुकीले हथियार से वार कर उनकी हत्या की गई है।

 
जमीयत ओलामा हिंद के चार राज्यों के प्रधान मौलाना हारून भी पहुंचे मस्जिद
मनिक माजरी स्थित मस्जिद के इमाम इरफान और उनकी पत्नी की हत्या के बाद जमीयत ओलामा हिंद के हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल प्रदेश के प्रधान मौलाना हारून भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली। साथ पुलिस से भी मामले की गंभीरता से जांच करने की बात कही। मौलाना हारून ने कहा कि इमाम इरफान और उसकी पत्नी की निर्मम हत्या किया जाना निंदनीय है। उन्हें पुलिस प्रशासन पर भरोसा है कि मामले के गुनाहगारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लेंगे।

जांच के लिए चार टीमें गठित
पुलिस मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही है। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही हमलावरों का पता लगा कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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