हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित

भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष गिरीश गौतम को आज सत्ता पक्ष एवं विपक्षी सदस्यों के जोरदार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को प्रश्नोत्तरकाल के दौरान एक बार स्थगित करना पडा। दोनों ही पक्षों से आसंदी से शांत रहने और सदन के सुचारु संचालन में मदद करने की अपील का असर भी नहीं हुआ तो आखिरकारअध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई स्थगित करने की घोषणा कर दी। दरअसल हंगामे की शुरुआत तब हुई जबकि विपक्षी सदस्य अवैध उत्तखनन मामले में सदन से वाकआउट कर गए थे। इसी दौरान अध्यक्ष ने प्रश्नोत्तरकाल को आगे बढाते हुए कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी का नाम पुकारा लेकिन वे अपने साथी विधायकों के साथ वाकआउट कर गए थे। इसके बाद अध्यक्ष ने अगले सदस्य का नाम पुकारा और सदन की कार्यवाही आगे बढा दी। तभी कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी वापस लौटे और उन्हें प्रश्न पूछने देने का अनुरोध करने लगे। विधायक के अनुरोध पर अध्यक्ष ने उन्हें इसकी अनुमति भी प्रदान कर दी। इसके बाद विधायक चौधरी ने सरकार के खिलाफ बोलते हुए कहा कि यह सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। यह सरकार किसान विरोधी है। सरकार की पोल नहीं खुले इसीलिए बोलना नहीं देना चाहती है। जवाब में सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि सदस्य असत्य बोल रहे हैं। स्वयं सदन से वाकआउट कर गए थे। इन्हें सदन से माफी मांगना चाहिए। ये असत्य बोल रहे हैं। इसी बीच स्वास्थय मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि यह सदन लोकतंत्र का सबसे बडा मंदिर है। इसे पूरा देश देखता है। जैसा क्रत्य सदस्य ने किया है वह निंदनीय है, उन्हें सदन से माफी मांगना चाहिए। इसी बीच दोनों तरफ से हंगामा और शोरशराबा शुरु हो गया और अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
