हरिद्वार महाकुंभ: महाशिवरात्रि पर पहले शाही स्नान पर अखाड़ों ने लगाई डुबकी 

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं 
अब तक 22 लाख लोगों ने लगाई डुबकी
 

नई दिल्‍ली । भगवान भोलेनाथ के महापर्व महाशिवरात्रि पर  अध्यात्मनगरी हरिद्वार में शुरू हो रहे महाकुंभ का पहला शाही स्‍नान है। शाही स्‍नान की शुरुआत में जूना अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा के करीब 22 लाख लोगों ने पौड़ी ब्रह्मकुंड में डुबकी लगाई। इसके बाद करीब 1 बजे निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर स्नान करेंगे। इसके बाद करीब 4 बजे महानिर्वाणी अखाड़ा और अटल अखाड़ा हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर स्नान करेंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि देशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ढेरों शुभकामनाएं। 
नागा बाबा और साधुओं के शाही स्‍नान को देखते हुए आम श्रद्धालुओं को सुबह 7 बजे के बाद स्‍नान करने की अनुमति दी गई है। महाकुंभ के पहले स्‍नान को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से काफी चुस्‍त तैयारी देखने को मिल रही है। कोरोना वायरस को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। बता दें कि 7 बजे के बाद हर की पौड़ी क्षेत्र को खाली करवा लिया जाएगा, इसके बाद घाटों की सफाई की जाएगी। इस दौरान घाट पर किसी के भी आने जाने पर पाबंदी रहेगी।
महाकुंभ के शाही स्नान को देखते हुए सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ के दौरान किसी भी तरह की भगदड़ की घटना से बचने के लिए चप्‍पे-चप्‍पे पर पुलिस की तैनाती की गई है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 9 जोन और 25 सेक्टरों (1 जीआरपी तथा 1 यातायात के सेक्टर सहित) में बांटा गया है। हर जोन में एक अपर पुलिस अधीक्षक और सेक्‍टर में पुलिस उपाधीक्षक को नियुक्‍त किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कोताही न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को खास ट्रेनिंग भी दी गई है।
बता दें कि हरिद्वार कुंभ में महाशिवरात्रि के अवसर पर आज से शुरू हो चुके शाही स्नान को लेकर राज्‍य सरकार ने पहले ही एसओपी जारी कर दिया है। एसओपी के मुताबिक, शाही स्नान के लिए कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट और हेल्थ सर्टिफिकेट लाना जरूरी होगा। इसके बिना हरिद्वार में एंट्री नहीं मिलेगी। राज्य सरकार की एसओपी 12 मार्च तक लागू रहेगा। राज्य सरकार की एसओपी के मुताबिक, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए स्नान घाटों पर किसी भी तरह के भंडारे पर रोक रहेगी। यही नहीं, भीड़ लगाकर भजन गाने पर भी मनाही है। अगर किसी भी श्रद्धालु या फिर यात्री ने नियमों का उल्लंघन किया तो आपदा प्रबंधन महामारी एक्ट के तहत उस पर एक्शन लिया जाएगा।

Leave a Reply