हिचकोले खा रही है ट्रांसफर पॉलिसी, लागू हुई तो खत्म हो जायेगा डिजायर सिस्टम, जानिये कैसे

जयपुर. जनप्रतिनिधियों के डिजायर सिस्टम (Desire System) को समाप्त करने के लिए बनाई गई प्रदेश की ट्रांसफर पॉलिसी (Transfer policy) हिचकोले खा रही है. अहम सुझाव के अभाव में अभी तक ट्रांसफ़र पॉलिसी मूर्त रूप नहीं ले पा रही है. राज्य के विभागों के प्रमुख इसके लिए सुझाव (Suggestion) देने में आनाकानी कर रहे हैं. कुछ एक को छोड़कर अधिकतर विभागों ने अभी तक सुझाव नहीं दिए हैं. विभागों के सचिव, एसीएस और शासन सचिव के रवैये से क्षुब्ध मुख्य सचिव निरजंन आर्य ने एक बार फिर प्रशासनिक सुधार विभाग (Administrative Reforms Department) को सुझाव लेने के निर्देश दिए हैं मुख्य सचिव ने शिक्षा, चिकित्सा, पीएचईडी और पीडब्ल्यूडी जैसे आमजन से जुड़े विभागों से सुझाव लेने के निर्देश दिए हैं. राज्य के प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया है. राज्य सरकार लंबे समय से ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए जुटी हुई थी, लेकिन अहम सुझाव के अभाव में अभी तक इसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है. जबकि प्रदेश की आला ब्यूरोक्रेसी ही सबसे ज्यादा इसकी शिकार हो रही है.
मुख्य सचिव को 26 मार्च को सौंपनी थी रिपोर्ट
राज्य की प्रशासनिक सुधार विभाग को 26 मार्च को मुख्य सचिव निरंजन आर्य को इसकी रिपोर्ट सौंपनी थी. मुख्य सचिव ने विभाग के प्रमुख शासन सचिव अश्विनी भगत को रिपोर्ट सौंपने से पहले सभी विभागों के सुझाव लेने के निर्देश दिए थे. आर्य ने इसके लिये उनको 1 सप्ताह का समय दिया था. लेकिन 3 सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी विभागों की ओर से सुझाव नहीं आए हैं. कुछ विभागों ने सुझाव जरूर दिए हैं जबकि कुछ विभागों को कहना है कि जैसा चल रहा है वैसा ही चलने दीजिए. कार्मिक विभाग ने सचिवालय में कार्यरत कार्मिक की पत्नी/ पति को भी सचिवालय में ही नियुक्ति देने का सुझाव दिया है.
मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को सौंपेंगे मसौदा
मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपने के बाद ट्रांसफर पॉलिसी का मसौदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास भेजा जाएगा. मुख्यमंत्री हरी झंडी मिलने के बाद ट्रांसफर पॉलिसी मूर्त रूप ले लेगी. हालांकि बाद में कैबिनेट से अनुमोदन कराया जाएगा. यदि ट्रांसफर पॉलिसी जमीनी धरातल पर उतर आती है तो प्रदेश में मंत्रियों, विधायकों और सांसदों का डिजायर सिस्टम खत्म हो जाएगा. सरकार 3 वर्ष से पहले किसी कर्मचारी का तबादला नहीं कर सकेगी और 2 बरस तक कोई भी कर्मचारी तबादले के लिए आवेदन भी नहीं कर सकेगा.
