नकली नोट देकर ऐंठे 11 लाख! मुंबई में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वाले गिरफ्तार

मुंबई| महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से शुरू हुए एक सनसनीखेज धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर 11 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ितों को तांत्रिक पूजा के माध्यम से नोटों की बारिश कराने का लालच दिया था, लेकिन बाद में असली पैसों के बदले बच्चों के खेलने वाले नकली नोट थमाकर फरार हो गए थे।
चमत्कार का ढोंग कर पहले जीता भरोसा, फिर ऐंठ लिए 11 लाख रुपये
मामले का खुलासा तब हुआ जब मुंबई निवासी पीड़ितों को फर्जी तांत्रिक हिराचंद बर्डे और उसके साथियों ने अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने शुरुआती दौर में छोटा चमत्कार दिखाने का स्वांग रचा और पीड़ित को एक हजार के बदले दो लाख रुपये देकर उनका विश्वास जीत लिया। इसके बाद 15 करोड़ रुपये की बारिश कराने का दावा करते हुए तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर पीड़ितों से नकद और ऑनलाइन माध्यमों से कुल 10 लाख 95 हजार रुपये ऐंठ लिए।
नासिक बुलाकर थमाई नकली नोटों से भरी बोरी, सात दिन तक न खोलने की दी हिदायत
ठगी को अंजाम देने के लिए फर्जी बाबा ने पीड़ितों को नासिक जिले के अभोणा क्षेत्र में बुलाया। वहां घंटों पूजा-पाठ का पाखंड करने के बाद उसने एक सीलबंद बोरी पीड़ितों को सौंपी और तांत्रिक नियमों का हवाला देते हुए एक सप्ताह तक बोरी न खोलने की चेतावनी दी। सात दिन बाद जब बोरी खोली गई, तो उसमें बच्चों के खेलने वाले चूरन वाले नकली नोट बरामद हुए। पैसों की मांग करने पर तांत्रिक द्वारा धमकियां दी जाने लगीं।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मदद से दर्ज हुई प्राथमिकी, पुलिस ने तीन आरोपियों को भेजा जेल
ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से मदद मांगी और पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अभोणा थाना पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक प्रदीप देशमुख ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हिराचंद बर्डे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों पर संबंधित आपराधिक धाराओं और अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज कर अन्य पीड़ितों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।
