2 साल की लड़ाई के बाद IRCTC ने इंजीनियर को लौटाए टिकट कैंसिल के 33 रुपए

राजस्थान के कोटा मे एक इंजीनियर सुजीत स्वामी ने अपने हक की लड़ाई आईआरसीटीसी से कैसिंल टिकट पर सर्विस टैक्स काट लेने और उस पैसे को अधिकार के रूप में वापस लेकर जीत है. दरअसल कोटा के एक इंजीनियर को दो साल की लंबी लड़ाई के बाद आईआरसीटीसी ने कैंसिल टिकट के 33 रुपये आखिरकार लौटा दिए हैं.

दरअसल इंजीनियर सुजीत स्वामी ने अप्रेल 2017 में कोटा से दिल्ली तक के लिए 765 रूपए का टिकट बुक कराया था, जिसे उन्होंने बाद में कैसिंल करा दिया था, इसके लिए उन्हें 665 रूपए दिए गए, जबकि उन्हें 700 रूपए आईआरसीटीसी से वापस मिलने चाहिए थे. बकाया 35 रूपए लेने के लिए ओर स्वामी ने पैसों के लिए नहीं बल्कि अपना हक लेने के लिए दो साल तक आईआरसीटीसी के खिलाफ केस लड़ा.

स्वामी ने अप्रैल 2018 में कोटा की लोक अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसका निस्तारण अदालत ने जनवरी 2019 में यह कहते हुए कर दिया यह उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता है. स्वामी ने बताया कि उन्होंने बावजूद इसके उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी. आखिरकार 4 मई 2019 को आईआरसीटीसी ने एक लंबी लडाई के बाद मेरे बैंक अकाउंट में 33 रूपए डाल दिए. लंबी लडाई ओर संघर्ष के कारण मुझे परेशानी झेलनी पडी उसकी क्षतिपूर्ति देने की बजाय आईआरसीटीसी ने हक के 35 रूपए देने के बजाय 2 रूपए काट कर 33 रूपए रिफंड किए.

सुजीत स्वामी के मुताबिक वे एक बार फिर इस मामले को लेकर आगे आईआरसीटीसी के खिलाफ लड़ाई लडेंगे. मामले को लेकर आगे बढेंगे, क्योंकि आईआरसीटीसी ने एक पत्र में कहा था कि उनके व्यवसायिक सर्कुलर 49 के मुताबिक उन्हें 35 रूपए वापस किए जाएंगे.
 

Leave a Reply