हाईवे पर परिवार पर कहर, हादसे में 2 की मौत और 6 घायल

अकोला: महाराष्ट्र के अकोला जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोरगांव मंजू के समीप गुरुवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई, जिसमें एक मासूम बच्चे और एक बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण टक्कर में चार महिलाओं सहित छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब सड़क किनारे खड़े एक भारी कंटेनर से तेज रफ्तार ईको कार पीछे से जा टकराई, जिससे कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार लोग मलबे के भीतर ही फंस गए।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं और मची चीख-पुकार
हादसे का शिकार हुआ कुरैशी परिवार माना क्षेत्र में आयोजित एक विवाह समारोह में सम्मिलित होकर देर रात अपने घर वापस लौट रहा था। स्वजनों की खुशियां उस समय अचानक चीख-पुकार में बदल गईं जब उनकी गाड़ी हाईवे पर खड़े एक वाहन की चपेट में आ गई। रात के सन्नाटे में हुई इस भीषण भिड़ंत की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत बचाव के लिए दौड़े और पुलिस प्रशासन को इस अनहोनी की सूचना दी।
मासूम और बुजुर्ग की मौत से पसरा सन्नाटा
इस दर्दनाक हादसे में सात वर्षीय बालक शेख अर्शियान और पैंसठ वर्षीय बुजुर्ग अब्दुल कारूस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विशेषकर एक अबोध बच्चे की असमय मौत से पूरे इलाके में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। दुर्घटना में घायल हुए अन्य छह लोगों में से दो की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल नजदीकी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है जहाँ चिकित्सकों की टीम उनकी जान बचाने का निरंतर प्रयास कर रही है।
डीजल खत्म होने से खड़ी गाड़ी बनी काल और जांच शुरू
प्रारंभिक जांच और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राजमार्ग पर खड़े उस कंटेनर का ईंधन समाप्त हो गया था, जिसके कारण चालक ने उसे सड़क के किनारे ही खड़ा कर दिया था। रात का घना अंधेरा होने और कार की गति अत्यधिक तेज होने की वजह से कार चालक समय रहते वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाया और यह भयानक टक्कर हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुँची बोरगांव मंजू थाना पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त गाड़ियों को बीच सड़क से हटवाया और बंद पड़े यातायात को सुचारू रूप से बहाल करवाया।
राजमार्गों पर सुरक्षा और गति सीमा को लेकर उठे सवाल
इस भीषण दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात के समय होने वाले सफर की सुरक्षा और खराब वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की तकनीकी और कानूनी पहलुओं से जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खड़े कंटेनर द्वारा सुरक्षा संकेतकों का उपयोग किया गया था या नहीं। प्रशासन ने वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे रात के समय गति सीमा का विशेष ध्यान रखें ताकि ऐसी अप्रत्याशित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
