20 लाख की ट्रेन खड़े-खड़े हुई कबाड़ में तब्दील

बिलासपुर । सैलानियों को लुभाने 10 साल पहले महामाया मंदिर ट्रस्ट और वन विभाग द्वारा शुरू की गई टायर ट्रेन किस तरह कबाड़ में तब्दील हो गई है। इसकी बानगी आप तस्वीर में देखें ये रतनपुर का महालक्ष्मी देवी मंदिर परिसर है, जहां 20 लाख की ट्रेन खड़े- खड़े भंगार हो गई। 10 साल पहले मंदिर ट्रस्ट और वन विभाग ने 20 लाख खर्च कर इसे शुरू कराया था। महाराष्ट्र से इसे मंगाया गया था। इसका उद्देश्य ये था कि धार्मिक नगरी में आने वाले दर्शनार्थियों को ट्रेन के जरिए खंडोबा, भैरोबाबा, मां लखनी देवी और मां महामाया देवी के दर्शन कर आएं।
इसके लिए बाकायदा खंडोबा मंदिर के पीछे जंक्शन बनाया गया। जंक्शन से महामाया मंदिर तक रूट बनाया गया था। यह ट्रेन सेवा कुछ दिन चली, सैलानियों ने इसका लुत्फ भी उठाया। लेकिन आवक नहीं होना बताकर इसे लखनी देवी परिसर ने खड़ी कर दी गई। अब ये ट्रेन खड़े – खड़े भंगार में तब्दील हो गई।
