पश्चिम एशिया संकट में 23 भारतीयों की गई जान, ओमान हमले और नेपाल हादसे पर भी आया बयान

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया और उसके आसपास के क्षेत्रों में जारी भीषण सैन्य संघर्षों एवं समुद्री सुरक्षा संकट के बीच विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को अत्यंत दुखद आंकड़े जारी किए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी हिंसा और हमलों की चपेट में आने से अब तक कुल 23 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें 15 भारतीय नाविक भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, काला सागर क्षेत्र में व्यावसायिक पोतों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में पाँच अन्य भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई है, जबकि दो भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
ओमान तट के पास पोत पर हमला और राहत कार्य
ओमान के रणनीतिक तट के समीप एक व्यावसायिक समुद्री जहाज पर हुए हमले की पुष्टि करते हुए विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि उस पोत पर चालक दल के रूप में 14 भारतीय नागरिक तैनात थे। दुर्भाग्यवश, इस हमले में एक भारतीय नाविक की असमय मृत्यु हो गई है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारतीय प्रशासन ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर शेष 13 भारतीय नागरिकों को सकुशल स्वदेश वापस लाने तथा मृतक नागरिक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक भारत पहुँचाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। भारत सरकार ने त्वरित सहायता के लिए ओमान सरकार का धन्यवाद व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने और कूटनीति के माध्यम से शांति बहाल करने की पुनः अपील की।
रूस-यूक्रेन संघर्ष और भारतीय नागरिकों की रिहाई का मुद्दा
रूस में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री ने जी-20 सम्मेलन से इतर रूस के विदेश मंत्री के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। इस उच्चस्तरीय बैठक में यूरोप, मध्य पूर्व तथा पश्चिम एशिया के संकटों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने दोहराया कि रूसी सेना या पक्ष के साथ मौजूद भारतीय नागरिकों की शीघ्र रिहाई और वतन वापसी का विषय भारत सरकार द्वारा विभिन्न कूटनीतिक स्तरों पर रूस के समक्ष लगातार पूरी प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
नेपाल हेलीकॉप्टर दुर्घटना और विदेशी शिक्षा एडवाइजरी
नेपाल में घटे एक अन्य हादसे का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्रालय ने दो हेलीकॉप्टरों की आपस में हुई भीषण टक्कर पर गहरा दुख जताया। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की पुष्टि के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण हवाई दुर्घटना में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है, और उनके शव को शीघ्र भारत लाने के प्रयास अंतिम चरण में हैं। इसके साथ ही, ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा उज्बेकिस्तान समेत अन्य विदेशी संस्थानों में अध्ययनरत भारतीय छात्रों की सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष एडवाइजरी व दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
