27 मार्च को जारी होगी आरक्षण की फाइनल लिस्ट, जानें प्रधान की सीट के लिए प्रावधान

लखनऊ. पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) में लेटलतीफी की खबरें अब धीरे-धीरे खारिज होती जा रही हैं. 27 मार्च तक सरकार सभी पदों के लिए आरक्षण की सूची (UP Panchayat Chunav Aarakshan List) जारी कर देगी. जिला पंचायत अध्यक्षों की तो सूची जारी भी कर दी गई है. ऐसे में आरक्षण की सूची जारी होने के तुरंत बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की घोषणा कर सकता है. संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता प्रदेश में लगा दी जाएगी.

इसी वजह से एक बड़ी बैठक राज्य निर्वाचन आयोग ने बुलाई है. गुरुवार दोपहर 1:00 बजे से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ राज्य निर्वाचन आयोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने जा रहा है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी. बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त के साथ ही आयोग के दूसरे अफसर भी शामिल होंगे.

जनसंख्या के अनुपात में होगी आरक्षित सीटों की गणना 
नए शासनादेश के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष के 75, ब्‍लॉक प्रमुख के 826 और ग्राम प्रधान के 58194 पदों में आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी. राज्य में जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्‍लॉक प्रमुख और ग्राम प्रधानों में एस.टी, एस.सी. और ओबीसी के लिए आरक्षित किए जाने वाले पदों की संख्या की गणना राज्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में की जाएगी. महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत, एसटी और एससी के लिए 23 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से पंचायतों में सीटें आरक्षित की जाएंगी.
ऐसे होगा आरक्षण तय

शासनादेश में कहा गया है कि वर्ष 2015 में जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्‍लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान तथा ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के पदों की जो सीटें जिन जातियों के लिए आरक्षित की गई थीं, इस बार के चुनाव के लिए वह सीटें उन जातियों के लिए आरक्षित नहीं की जाएंगी. उदाहरण के लिए महिला के लिए आरक्षित ब्‍लॉक प्रमुख के पदों के आवंटन के लिए जिले की क्षेत्र पंचायतें जो एसटी-एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित हो चुकी हैं, उनको हटाते हुए जो बाकी बचेंगी उन्हें सामान्य वर्ग की जनसंख्या के अवरोही क्रम में लगाया जाएगा. सबसे पहले महिला की सीट का आवंटन उन क्षेत्र पंचायतों में किया जाएगा जो वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में महिला श्रेणी में आवंटित नहीं रही हैं.

आरक्षण क्रम की नियमावली
-अनुसूचित जनजातियों की महिला
-अनुसूचित जनजाति
-अनुसूचित जाति महिला
-अनुसूचित जाति
-ओबीसी महिला
-ओबीसी
-महिला

तैयारियों की आज होगी समीक्षा
अभी तक संवेदनशील माने जाने वाले जिलों में विशेष निगरानी के भी आदेश दिए जाएंगे. साथ ही साथ वहां की विशेष तैयारियों की भी समीक्षा राज्य निर्वाचन आयोग करेगा. बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के दिए निर्देशों के मुताबिक 25 मई तक पंचायत चुनाव को खत्म कर लेना है.
24 अप्रैल से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी होनी है. ऐसे में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के सामने संसाधनों की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. इसीलिए राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव के मद्देनजर तैयारियों का जायजा चुनाव की घोषणा से पहले ही ले रहा है.

27 मार्च तक आएगी लिस्ट
बता दें कि आरक्षण सूची को रद्द करने से पहले इस बात की उम्मीद की जा रही थी कि 25 या 26 मार्च को चुनाव की घोषणा हो जाएगी और आचार संहिता लग जाएगी, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेशों पर आरक्षण सूची तय करने के नियमों में बदलाव के कारण इन तिथियों को थोड़ा आगे बढ़ाया जाएगा. 27 मार्च तक आरक्षण सूची जारी किए जाने के हफ्ते भर के भीतर प्रदेश में चुनाव की घोषणा की संभावना है.

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