32 साल का हुआ यूपी का सिद्धार्थनगर जिला, यहीं भगवन बुद्ध का गुजरा था बचपन

सिद्धार्थनगर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सिद्धार्थनगर जिले (Siddharthnagar Distrcit) की स्थापना 29 दिसंबर 1988 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के हाथों हुई थी. उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में यह अति पिछड़ा जिला होने के बावजूद भी भारत के महत्वपूर्ण जिलों में से एक है. शाक्य वंश के राजा शुद्धोधन की राजधानी गनवरिया कपिलवस्तु में थी जो मुख्यालय से मात्र 19 किमी दूर है. भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के प्रथम 29 वर्ष यहीं पर गुजारे थे. भगवान बुध के बचपन का नाम सिद्धार्थ होने की वजह से जिले का नाम सिद्धार्थ नगर रखा गया.नेपाल से सटे होने के कारण इसके सामरिक एवं व्यापारिक महत्व बढ़ जाते हैं. नेपाल से 68 किलोमीटर खुली सीमा होने की वजह से यह जिला और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. वर्तमान में यहां पर एसएसबी की दो बटालियन पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना कार्यों का निर्वहन कर रही है.
क्या है प्रसिद्ध?
जिले का काला नमक चावल बेहद मशहूर है, जिसकी मांग सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है. इस चावल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह औषधि गुणों से भरपूर है. मधुमेह में भी खाया जाता है. इसके साथ ही यह भगवान बुद्ध का प्रसाद भी है जो बौद्ध देशों में प्रसाद के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है. वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत सरकार द्वारा इसकी उपज को बढ़ाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं.
प्राचीन मंदिर
यहां पर त्रेता युग से जुड़े कुछ मंदिर है जिनके बारे में काफी मान्यताएं हैं. जैसे पलटा देवी, भारत भारी शिव मंदिर, सिंघेश्वरी मंदिर, डाला देवी, कठेला देवी एवं योग माया आदिकाल के पुराने एवं सिद्ध मंदिर हैं. बिस्कोहर में आदिकाल से 101 शिव मंदिरों का निर्माण करके विष हरण करने का कार्य किया जाता था. जिससे उस कस्बे का नाम बिस्कोहर पड़ा। भारत भारी शिव मंदिर (डुमरियागंज) के बारे में कहा जाता है कि भगवान राम के भाई भरत ने इस मंदिर को बनवाया था और यहां पर पांडवों द्वारा इस मंदिर की पूजा की जाती थी.
ये हुआ विकास
केंद्र सरकार द्वारा दो राष्ट्रीय राजमार्ग ककरहवा से बस्ती एवं बढ़नी से बस्ती तक बनने से जिले में आवागमन सुलभ हुआ है. वहीं गोरखपुर से बढ़नी तुलसीपुर होते हुए बलरामपुर तक जाने वाले नए राजमार्ग के बनने से सीमावर्ती क्षेत्र निवासियों को आवागमन में काफी सुविधा हुई है. केंद्र सरकार के मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इसका शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयास से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी वर्ष 2021 में पूर्ण हो जाएगा और इसे संचालित कर दिया जाएगा ओडीओपी के तहत काला नमक चावल को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे इसकी उपज बढ़ जाए.
