NEET-UG में पेपर लीक रोकने के लिए 38 साइबर कमांडो की तैनाती

भोपाल: मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी' (NEET-UG) के 21 जून को होने वाले दोबारा एग्जाम (री-एग्जाम) को लेकर मध्य प्रदेश शासन और पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। पेपर लीक, नकल और किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को रोकने के लिए इस बार 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की सख्त नीति अपनाई गई है। परीक्षा के दौरान इंटरनेट और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अनैतिक या संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए विशेष रूप से साइबर एक्सपर्ट्स और कमांडो को मैदान में उतारा जा रहा है।

38 साइबर कमांडो रखेंगे नजर, DGP के कड़े निर्देश

मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) को लिखित निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रश्नपत्रों के बैंक पहुंचने से लेकर परीक्षा संपन्न होने तक हर एक चरण की कड़ी निगरानी की जाएगी। इस बार राज्य के 283 परीक्षा केंद्रों पर करीब 1.18 लाख परीक्षार्थी शामिल होने जा रहे हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर पेपर लीक जैसी भ्रामक अफवाहों को रोकने के लिए 38 हाई-टेक साइबर कमांडो तैनात किए जा रहे हैं, जो संदिग्ध अकाउंट्स और ग्रुप्स पर 24 घंटे नजर रखेंगे।

सभी कप्तानों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे 20 जून तक अनिवार्य रूप से अपने-अपने क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्र भंडारण स्थलों (स्ट्रांग रूम) और संबंधित बैंकों का खुद दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। इसके साथ ही सेंटर्स पर लगे सीसीटीवी कैमरों, मेटल डिटेक्टरों और अभ्यर्थियों की एंट्री व्यवस्था का भी भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

अंतिम 72 घंटों की विशेष घेराबंदी और सघन चेकिंग

परीक्षा के ठीक पहले के अंतिम 72 घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं, जिसके लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष सर्विलांस (निगरानी) प्लान तैयार किया है। इसके तहत सभी जिलों के होटलों, लॉज, गेस्ट हाउसों और बड़े कोचिंग संस्थानों की औचक चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गिरोह या सॉल्वर गैंग की एंट्री को रोका जा सके। मध्य प्रदेश के चार बड़े महानगरों—इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर—में परीक्षार्थियों की भारी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष सुरक्षा टीमों को तैनात किया गया है।

टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध

इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाते हुए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'टेलीग्राम' (Telegram) पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी 22 जून तक प्रभावी रहेगी। नीट यूजी परीक्षा का आयोजन करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की विशेष सिफारिश पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा यह आपातकालीन कदम उठाया गया है। इसके लिए सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) की धारा 69A के तहत आधिकारिक आदेश जारी किया है, ताकि टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए होने वाले किसी भी संभावित पेपर लीक या फर्जी दावों को पूरी तरह ब्लॉक किया जा सके।

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