550वां प्रकाश पर्वः 10 नवंबर को सम्मान समागम, कैप्टन 550 शख्सियतों को करेंगे सम्मानित

550वें प्रकाश पर्व को समर्पित सम्मान समारोह में 550 मशहूर शख्सियतों को सम्मानित किया जाएगा। इसको लेकर मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने समागम के प्रबंधों का जायजा लिया गया। आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी में बैठक अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री चन्नी ने कहा कि 10 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व संबंधी कराए जा रहे समागम के दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 550 सिख हस्तियों और नानक नाम लेवा शख्सियतों को सम्मानित करेंगे।
इन शख्सियतों को सम्मानित करने के अलावा यह समागम श्री गुरु नानक देव जी के जीवन और फलसफे से लोगों को अवगत करवाएगा। यह समागम पंजाब सरकार की तरफ से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व संबंधी करवाए जा रहे समागमों का हिस्सा होगा। उन्होंने सभी विभागों के मुखियों को कहा कि समागम के पुख्ता प्रबंधों को यकीनी बनाया जाए।  

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व संबंधी करवाए जा रहे समागमों को पूरे धार्मिक रीति रिवाजों अनुसार सुचारू ढंग से सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

इस दौरान उन 550 मशहूर शख़्सियतों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में सफलता की बुलंदियों को छुआ है। इससे पहले प्रमुख सचिव रोजगार जेनरेशन राहुल तिवारी और डीसी कपूरथला डीपीएस खरबंदा ने मंत्री को समागम के लिए किए जाने वाले प्रबंधों की जानकारी दी।
आपात स्थिति निपटने के लिए गांव जब्बोवाल में मॉक ड्रिल
श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर लाखों की तादाद में पहुंच रही संगत में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल हुआ।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के को-आर्डिनेटर ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह की ओर से सिविल और पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में करवाए गए नकली अभ्यास में हंगामी हालात पर काबू पाने के लिए एनडीआरएफ, पंजाब पुलिस, सेहत विभाग, फायर कंट्रोल की तरफ से तुरंत कार्रवाई अमल में लाई गई।

ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेष कर सुरक्षा प्रबंधों से सीधे तौर पर जुड़े विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों और शताब्दी समागम के लिए सभी 26 कंट्रोल यूनिटों में तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट को अंतर विभागीय तालमेल और बेहतरीन संचार व्यवस्था कायम करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से 50 लाख से ज्यादा संगत के शताब्दी समागम में आने की उम्मीद है, जिस कारण सभी विभागों को आपसी तालमेल की तरफ सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

मॉक ड्रिल दौरान सुबह सबसे पहले टेंट सिटी-1, जिसमें लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने का प्रबंध है, इसमें आग लगने की घटना के बारे में नकली अभ्यास करवाया गया। पवित्र काली बेईं में भी व्यक्तियों के डूबने, उनको बचाने और प्राथमिक सहायता देने का अभ्यास करवाया गया।

बता दें कि है कि शताब्दी समागमों दौरान गुरुद्वारा संत घाट से बूस्सोवाल मोड़ तक काली बेईं की 4 किलोमीटर लंबाई है और बेईं की दोनों तरफ बड़ी संख्या में संगत मौजूद रहेगी।

जिला प्रशासन की तरफ से संगत की सुरक्षा के लिए 150 गोताखोरों और तैराकों का प्रबंध किया गया है। इसके बाद गांव जब्बोवाल में इमारत के ढहने और मलबे में फंसे व्यक्तियों को निकालने, प्राथमिक सहायता देने और एंबुलेंस के माध्यम से समीपवर्ती अस्पतालों में भेजने से संबंधित मुकम्मल अभ्यास किया गया।

इस मौके पर एडीसी सामान्य राहुल चाबा, एसपी तेजबीर सिंह, एसडीएम डा. चारुमिता, मेला अफसर नवनीत कौर बल, एसडीम वरिंदरपाल सिंह बाजवा, रणदीप सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

 

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