‘दिवालिया’ होने की कगार पर अमेरिका, ‘शटडाउन’ से निपटने में जुटे ट्रंप

वाशिंगटन । अमेरिका एक बार फिर 'शटडाउन' की कगार पर है। 'शटडाउन' टालने के लिए अमेरिकी सरकार तमाम कोशिशों में जुटी है। संघीय सरकार को आर्थिक मंजूरी प्रदान करने वाले विधेयक को अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने तो गुरुवार रात पारित कर दिया, लेकिन ऊपरी सदन सीनेट में इसे कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर यह विधेयक सीनेट से पारित नहीं हुआ तो आर्थिक मंजूरी के अभाव में देश में सरकारी कामकाज ठप हो जाएगा।


सीनेट में विधेयक का पास होना जरूरी 

सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली प्रतिनिधि सभा में तो यह विधेयक आसानी से पारित हो गया, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत होने के बावजूद इसे पारित कराने के लिए विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी के समर्थन की दरकार है। इसकी वजह यह है कि रिपब्लिकन पार्टी के तीन सीनेटर इस बिल के विरोध में हैं, जबकि एक सीनेटर कैंसर के इलाज के लिए अपने घर ऐरीजोना में हैं।


उधर, इमीग्रेशन के मसले पर डेमोक्रेट पार्टी की मांग है कि करीब सात लाख 'ड्रीमर्स' को निर्वासन से बचाया जाए। 'डेफर्ड एक्शन फॉर चिल्ड्रन अराइवल' (डीएसीए) योजना को 'ड्रीमर्स' भी कहते हैं। बता दें कि डीएसीए वर्ष 2012 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में शुरू किया गया एक सरकारी कार्यक्रम था। इसके तहत गैरकानूनी ढंग से अमेरिका पहुंचे बच्चों को अस्थायी रूप से रहने, पढ़ने और काम करने का अधिकार दिया गया। ये बच्चे मुख्यत: मैक्सिको और मध्य एशिया से अमेरिका पहुंचे थे, जिन्हें ओबामा के कार्यकाल में अस्थानी कानूनी दर्जा प्रदान किया गया था। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ड्रेमोक्रेट्स की इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, 'सीनेट से पारित कराने के लिए डेमोक्रेट की जरूरत है, लेकिन वे गैरकानूनी इमीग्रेशन और कमजोर सीमाएं चाहते हैं।'


बहरहाल, राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लोरिडा में मार-ए-लागो रिजॉर्ट जाने का अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया है और सीनेट में डेमोक्रेट पार्टी के नेता चक शूमर से मुलाकात की। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी मार्क शॉर्ट ने बताया कि राष्ट्रपति डेमोक्रेट्स को मनाने का प्रयास कर रहे हैं और वह लगातार ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स के साथ अभी तक की बातचीत फलदायी रही है।


बता दें कि जब भी शटडाउन होता है तो हजारों 'गैर-जरूरी' संघीय कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया जाता है, सिर्फ लोगों की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में लगे 'जरूरी' कर्मी ही कार्यरत रहते हैं। 1995 के बाद से तीन बार ऐसी स्थिति आ चुकी है।


जानिए क्या होता है अमेरिकी शटडाउन


– अमेरिका में एंटीडेफिशिएंसी एक्ट लागू है।


– इस एक्ट के तहत अमेरिका में पैसे की कमी होने पर संघीय एजेंसियों को अपना कामकाज रोकना पड़ता है, यानि उन्हें छुट्टी पर भेज दिया जाता है।


– इस दौरान उन्हें वेतन भी नहीं दिया जाता।


– ऐसी स्थिति में सरकार संघीय बजट लाती है, जिसे प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में पारित कराना जरूरी होता है।


अमेरिका का 'शटडाउन' की स्थिति कई बार आई


– अमेरिका के इतिहास में कई बार शटडाउन की स्थिति आ चुकी है।


– 1981, 1984, 1990, 1995-96 और 2013 के दौरान अमेरिका के पास खर्च करने के लिए पैसा नहीं बचा था


– अक्टूबर 2013 का शटडाउन करीब दो हफ्तों तक चला था।


– उस वक्त अमेरिका में ओबामा की सरकार थी और 8 लाख कर्मचारियों को इस दौरान घर बैठना पड़ा था।


अब अमेरिका में आगे क्या होगा


ये विधेयक प्रतिनिधि सभा में पारित हो गया है, लेकिन ऊपरी सदन सीनेट में पारित होना बाकी है। शुक्रवार मध्यरात्रि तक का समय अमेरिका के राष्ट्रपति के पास है। अगर यह बिल किन्हीं कारण पास नहीं होता है, तो शटडाउन को भी टाला नहीं जा सकेगा। ऐसे स्थिति में अमेरिकी प्रशासन में मौजूदा 35 लाख कर्मचारियों में से साढ़े आठ लाख कर्मचारियों को पहले ही गिन से घर बैठना पड़ेगा। हालांकि जहां सैन्यकर्मियों की ड्यूटी लगी है, उन्हें नहीं हटाया जाएगा।


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