रूस ने चलाया था ‘सेफ सेल्फी कैंपेन’, अब भारत में चिन्हित होंगे खतरनाक सेल्फी स्पॉट

रूस दुनिया का पहले ऐसा देश है जिसने 'सेफ सेल्फी कैंपेन' चलाया था। इस कैंपेन का उद्देश्य युवाओं को खतरनाक परिस्थितियों और स्थान पर सेल्फी लेते वक्त सावधान करना था। यहां सेल्फी के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा था। इस कैंपेन के जरिये युवाओं को जागरूक किया गया कि वह खतरनाक स्थितियों में सेल्फी लेने से पहले कम से कम दो बार सोचें। 

रूस में यह कदम कई घटनाओं के बाद उठाया गया। सेल्फी की वजह से कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत भी हुई। इस कैंपेन का सिद्धांत था कि 'सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाखों लाइक्स आपकी जिंदगी और स्वास्थ्य के लिए काफी नहीं है।' साथ ही इस बुकलेट में ये भी कहा गया है कि सेल्फी पूरी सावधानी के साथ लें, ताकि आपकी वह आपकी आखिरी सेल्फी साबित न हो। 


रूस की सरकार के मुताबिक पुलिस द्वारा स्कूलों में भी सेल्फी-सेफ्टी के बारे में बताया गया है। इसके लिए एक बुकलेट भी जारी की गई है, जिसमें लोगों को चलती ट्रेन, बालकनी, बिजली के तार या किसी खतरनाक जानवर के साथ सेल्फी लेते वक्त सावधान रहने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही कुछ गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं।

पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे पर्यटन स्थलों पर सेल्फी लेने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। इसके साथ ही केंद्र ने यह भी कहा है कि जिन पर्यटन स्थलों पर अकसर हादसे होते हैं उन्हें चिन्हित किया जाए। 


केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘पर्यटन मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे पर्यटन स्थल पर सेल्फी लेने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।’ केंद्र की तरफ से जारी एडवाइजरी में दुर्घटना संभावित पर्यटन स्थलों की पहचान, साइन बोर्ड लगाना, सेल्फी लेने के दौरान खतरे की चेतावनी आदि शामिल हैं।

ओबामा ने किया था बैन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सेल्फी को बैन कर दिया था। ऐसा करने वाले वह दुनिया के पहले नेता थे। 


ऑस्कर में सेल्फी बैन


ऑस्कर अवॉर्ड कमेटी ने ऑस्कर के दौरान सेल्फी पर बैन लगा दिया था। कमेटी ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि सेल्फी की वजह से पिछली बार ऑस्कर अवॉर्ड विजेताओं के लिफाफे आपस में बदल गए थे।

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