पिता से पूछताछ बनी अहम कड़ी, मुंबई ट्रेन मर्डर केस का आरोपी दबोचा गया

मुंबई। मायानगरी की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में सफर के दौरान हुए एक खौफनाक हत्याकांड के आरोपी को रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की विशेष टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को कुर्ला इलाके से धर दबोचा। इस सनसनीखेज वारदात को सुलझाने और कातिल तक पहुँचने के लिए रेलवे पुलिस ने अलग-अलग 6 टीमों का गठन किया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान 30 वर्षीय रोशन सुवर्णा के रूप में हुई है। पुलिस ने जब आरोपी के पिता को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तब जाकर आरोपी की सटीक लोकेशन का पता चला और उसे गिरफ्तार किया जा सका।

लोकल का दरवाजा बंद करने को लेकर शुरू हुआ था विवाद

यह खौफनाक वारदात कांदिवली और बोरीवली स्टेशनों के बीच की है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बरसात हो रही थी, जिसके चलते लोकल ट्रेन का दरवाजा बंद करने की बात को लेकर यात्रियों के बीच आपस में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह मामूली सी बहस खूनी संघर्ष में बदल गई। आरोपी रोशन सुवर्णा ने तैश में आकर अपने पास रखा चाकू निकाला और मयंक नाम के सह-यात्री पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चाकू लगने से मयंक लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद, जैसे ही ट्रेन की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई, आरोपी कूदकर मौके से रफूचक्कर हो गया।

घायल को बचाने के लिए रेलवे ने झोंकी ताकत

ट्रेन के भीतर खून-खराबा होने की खबर मिलते ही आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के सुरक्षाकर्मी तुरंत उस कोच में पहुँचे और गंभीर रूप से जख्मी मयंक को संभाला। आपातकालीन चिकित्सा टीम और स्ट्रेचर को तुरंत मौके पर बुलाया गया। घायल युवक को बिना वक्त गंवाए बोरीवली स्टेशन के इमरजेंसी मेडिकल रूम में ले जाया गया। वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों की सलाह पर सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में उसे इलाज के लिए कांदिवली के शताब्दी अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

जांच एजेंसियों को सौंपे गए सीसीटीवी फुटेज

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। देर रात करीब 1 बजे मुंबई सेंट्रल के एडीआरएम (ADRM) और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त खुद हालात का जायजा लेने बोरीवली स्टेशन पहुँचे। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही उनके इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम ने तुरंत काम करना शुरू कर दिया था। सुरक्षाबलों और मेडिकल स्टाफ ने मिलकर घायल को फौरन अस्पताल पहुँचाने का काम किया। साथ ही, पुलिस ने ट्रेन और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण सबूतों को कब्जे में लेकर जांच एजेंसियों के हवाले कर दिया है, जिससे आरोपी को सजा दिलाई जा सके।

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