अक्षय तृतीया 18 को, घड़े की पूजा व दान कर प्राप्त करें अक्षय फल

अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में बेहद शुभ अवसर माना जाता है। अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को मनाई जाएगी। माना जाता है कि इस दिन बिना किसी मुहूर्त के कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। दरअसल, शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में जब सूर्य और चन्द्रमा अपने उच्च प्रभाव में होते हैं और जब उनका तेज सर्वोच्च होता है।
उस तिथि को हिन्दू पंचांग में बेहद शुभ माना जाता है। इस शुभ तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। राजधानी में इस दिन शादी का सामान खरीदने, सराफा दुकाननों में ग्राहकों की भीड़ रहेगी, क्योंकि इस दिन 24 घंटे का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन पंखे, छतरी, पानी, मिठाई फल का दान श्रेष्ठ है। सोने-चांदी की खरीदारी के लिए यह खास दिन है।
दान देना सबसे पुण्य कार्य
अक्षय तृतीया के दिन दान, पूजा व व्रत का काफी महत्व है। हालांकि इस दिन दान देने को सबसे ज्यादा पुण्य कार्य बताया गया है। दान गर्मी के मौसम के हिसाब से देना श्रेयस्कर होता है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना और लक्ष्मी जी की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
पहली बार 24 घंटे का शुभ मुहूर्त
इस दिन मांगलिक कार्य, मुंडन, शादी विवाह, बहू का प्रथम बार चौका छूना, दुकान की ओपनिंग व्यापार का प्रारंभ और सारे शुभ कार्य किए जाते हैं। महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार अक्षय तृतीया सुबह 04ः47 बजे से प्रारम्भ होगी और रात 03ः03 मिनट तक मुहूर्त रहेगा। खास बात ये है कि पूरे 24 घंटे का शुभ मुहूर्त रहेगा, जो पहली बार और बड़े सौभाग्य की बात है।
क्या करें अक्षय तृतीया के दिन
-इस दिन समुद्र या गंगा आदि पवित्र नदिनों में स्नान करना चाहिए।
-पंखा, चावल, नमक, घी, शक्कर, साग, इमली, फल तथा वस्त्र का दान, ब्राह्मणों को दक्षिणा देनी चाहिए।
-इस दिन सत्तू अवश्य खाना चाहिए।
– नवीन वस्त्र, शस्त्र, आभूषण बनवाना या धारण करना चाहिए।
-नए व्यापार का प्रारंभ भी करना चाहिए।
अक्षय तृतीया के बारे में विशेष
-इस दिन से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है।
-इसी दिन बद्रीनाथ धाम के पट खुलते हैं।
-नर-नारायण ने इसी दिन अवतार लिया।
-परशुरामजी का अवतरण इसी दिन हुआ था।
राशि के आधार पर खरीदी
इन दिन दान और खरीदारी राशि के अनुसार हो तो ज्यादा मंगलकारी माना जाता है। ज्योतिषविद पं अरुणेश कुमार शर्मा से जानें अक्षय तृतीया पर किस राशि के व्यक्ति के लिए कैसे पूजन करना लाभकारी रहेगा और क्या खरीदने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी ।
मेष-श्री विष्णुसहस्त्रनाम के साथ साथ श्री हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ कीजिए। ताम्र पात्र खरीदें। स्वर्ण आभूषण क्रय करें। मंदिर में गेहूं और मंगल से सम्बंधित द्रव्यों का दान करें।
वृष-चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदें। श्री सूक्त का पाठ करें। किसी गरीब अंधे व्यक्ति को अन्ना और वस्त्र दान करें।
मिथुन-बुध से सम्बंधित द्रव्यों का क्रय करें। वस्त्र खरीदें। शुक्र से सम्बंधित द्रव्य भी खरीद सकते हैं। चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदें। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। मूंग की दाल का दान करें। गरीबों को वस्त्र बाटें।
कर्क-चांदी और फूल के बर्तन खरीदें। शिव उपासना करें। रुद्राभिषेक कराएं। धार्मिक पुस्तकों का दान करें। दुर्गासप्तशती का पाठ करें।
सिंह-स्वर्ण आभूषण खरीदें। श्री आदित्यहृदयस्त्रोत का पाठ करें। फूलकांस का एक लोटा दान करें। गरीबों को भोजन कराएं।
कन्या-वस्त्र खरीदें। चांदी के सिक्के और बर्तन क्रय करें। श्री राम चरितमानस के अरण्य काण्ड का पाठ करें। वस्त्र का दान करें।
तुला-इस राशि के जातक चांदी के सिक्के लें। सफेद और हरा वस्त्र खरीदें। श्री सूक्त का पाठ करें। किसी अंधे गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं और वस्त्र का दान करें।
वृश्चिक-ताम्र पात्र खरीदें। स्वर्ण आभूषण क्रय करें। श्री सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। गेहूं का दान करें। फूलकांस का कोई पात्र मंदिर में दान करें।
धनु-धार्मिक पुस्तक का दान करें। स्वर्ण आभूषण खरीदें। चने की दाल का दान करें। श्रीरामचरितमानस के अरण्य काण्ड का पाठ करें।
मकर -चांदी के आभूषण और सिक्के क्रय करें। वाहन खरीदने का शुभ संयोग है। श्री बजरंगबाण का पाठ करें। लोहे की बाल्टी किसी गरीब व्यक्ति को दान करें।
कुंभ-श्री सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। रुद्राभिषेक कराएं। लोहे का सामान और वाहन खरीदें। गरीबों में भोजन का वितरण करें।
मीन-धार्मिक पुस्तक का दान करें। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। स्वर्ण आभूषण खरीदें।
