हवाई जंग में बढ़ा तनाव, दो लड़ाकू विमान मार गिराने का रूस का दावा

मॉस्को/कीव: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध लगातार और भीषण होता जा रहा है, जिसमें दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हमले कर रहे हैं। इस टकराव के बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने बड़ा दावा किया है कि उसके बलों ने दक्षिणी यूक्रेन में एक एयरबेस पर हवाई हमला करके यूक्रेनी वायुसेना के दो मिग-29 (MiG-29) लड़ाकू विमानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। दूसरी तरफ, यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के भीतर घुसकर उसके एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य कारखाने पर मिसाइल हमला किया है।
रूस का यूक्रेन के एयरबेस पर सटीक ड्रोन हमला
रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला वोज्नेसेंस्क एयरफील्ड पर किया गया था। इस सटीक ड्रोन हमले के दौरान यूक्रेन का एक मिग-29 लड़ाकू विमान बंकर के बाहर खुले मैदान (टारमैक) पर खड़ा था, जबकि दूसरा फाइटर जेट बंकर के अंदर ईंधन (रीफ्यूलिंग) भरने की प्रक्रिया में था। रूस ने इस पूरी तबाही का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें हमले से पहले रनवे पर खड़े विमान और ड्रोन स्ट्राइक के तुरंत बाद वहां उठती हुई आग की भीषण लपटें साफ देखी जा सकती हैं।
यूक्रेन का रूस के सैन्य कारखाने पर मिसाइल प्रहार
रूस के इस हमले के तुरंत बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मोर्चा संभालते हुए सोशल मीडिया पर एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनकी सेना ने रूस के वोल्गोग्राद शहर में स्थित 'टायटन-बैरिकाडी' सैन्य प्रतिष्ठान को अपनी नई फ्लेमिंगो मिसाइलों से निशाना बनाया है। इस सफल मिसाइल स्ट्राइक के बाद रूसी रक्षा संयंत्र के पूरे परिसर में भयंकर आग लग गई, जिससे पुतिन की सेना को एक बहुत बड़ा झटका लगा है।
क्यों खास है टायटन-बैरिकाडी सैन्य परिसर?
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जानकारी दी कि जिस टायटन-बैरिकाडी उद्योग पर यूक्रेन ने मिसाइलें दागी हैं, वह रूस का एक बहुत बड़ा और बेहद खास औद्योगिक परिसर है। इसी कारखाने में रूसी सेना के लिए उन घातक तोपखाना प्रणालियों (आर्टिलरी सिस्टम) और विशेष सैन्य उपकरणों का निर्माण किया जाता है, जिनका इस्तेमाल रूस यूक्रेन के खिलाफ जारी जंग में लगातार कर रहा है। जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा कि इस बड़ी कार्रवाई के जरिए यूक्रेन ने रूस के खिलाफ अपने लंबी दूरी के हमलों के दायरे को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
