‘भूल जाइए प्री-पोल सर्वे! कर्नाटक चुनाव में किंगमेकर नहीं, किंग है कुमारास्वामी’

कर्नाटक विधानसभा की तारीख जैसे-जैसे नज़दीक आती जा रही है. राजनीतिक पार्टियों का प्रचार अभियान तेज हो रहा है. जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे कुमारास्वामी का कहना है कि इस चुनाव में सिद्धारमैया जेडीएस से चामुंडेश्वरी और बादामी दोनों सीटों पर हारेंगे. कुमारास्वामी ने हाल में हुए प्री-पोल सर्वे के नतीजों के भी खारिज किया.
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया को कड़ी टक्कर देने के लिए जेडीएस ने डिटेल प्लान तैयार किया है. एचडी कुमारास्वामी शनिवार से तीन दिन के चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र की यात्रा पर हैं. इस दौरान वह सिद्धारमैया की सीट के सभी गांवों का दौरा करेंगे. वहीं, एचडी देवगौड़ा 12 मई यानी चुनाव से पहले चामुंडेश्वरी और बदामी में जेडीएस के लिए रैली करने की योजना बना रहे हैं.
गौड़ा परिवार के करीबी के मुताबिक, "वे सिद्धारमैया सरकार के दौरान बीते पांच सालों में हुए गौड़ाओं के 'अपमान' का बदला लेना चाहते हैं. इसके लिए तैयारी हो रही है."
"अगर सिद्धारमैया अपनी दोनों सीटों पर एक महीने तक प्रचार करते हैं, तो उन्हें चुनाव में हराना मुश्किल होगा." उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से इस बार सिद्धारमैया को हरा देंगे. वह चामुंडेश्वरी और बादामी दोनों सीट खोने वाले हैं. इसके बाद ही सिद्धारमैया का घमंड टूटेगा. क्योंकि, उन्होंने हमारी पार्टी को खत्म करने की पूरी कोशिश की है."
कुमारास्वामी ने हाल में हुए प्री-पोल सर्वे को 'फर्जी' और 'पक्षपातपूर्ण' करार दिया. बता दें कि प्री-पोल में कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा के रूप में नतीजे उभरकर आ रहे हैं. हालांकि, मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस पोल से इस्तेफाक नहीं रखते हैं. वहीं, जेडीएस भी प्री-पोल सर्वे को खारिज कर चुका है.
कुमारास्वामी के मुताबिक, "हम इस तरह के सर्वे पर विश्वास नहीं करते. ये पूरी तरह से फेक है. पूरा सर्वे बीजेपी-कांग्रेस के पक्ष में कराया गया है. किसी भी सर्व में हमारी पार्टी का पक्ष नहीं लिया गया. साल 2014 में हुए प्री-पोल सर्वे में जेडीएस को सिर्फ 2 सीटें दी गई थीं. लेकिन हमने चुनाव में 58 सीटों पर जीत हासिल की और दो पार्टियों की गठबंधन की सरकार बनी. इस बार कोई खंडित जनादेश नहीं होगा. कर्नाटक में हमारी सरकार बनेगी. मैं किंगमेकर नहीं, बल्कि किंग बनूंगा. चुनाव बाद हमारी सरकार बनेगी."
कुमारास्वामी के पिता एचडी देवगौड़ा ने भी प्री-पोल सर्वे को बकवास करार दिया है. उन्होंने कहा, "मीडिया हमारी पार्टी के खिलाफ है. प्री-पोल सर्वे बीजेपी-कांग्रेस जैसी आर्थिक रूप से मजबूत पार्टियों के पक्ष में कराया गया है. हम कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि वो इसमें हमें जगह देंगे?"
जनता दल (सेक्युलर) रणनीतिकारों के मुताबिक, चामुंडेश्वरी की सीट में 72 हजार से ज्यादा वोक्कलिंगा वोटर्स और 40 हजार वीराशैवा वोटर्स हैं. चूंकि दोनों कथित रूप से सिद्धारमैया सरकार से परेशान हैं और बीजेपी भी वहां कमजोर है. इसलिए जेडीएस सिद्धारमैया को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रही है.
स्थानीय जेडीएस नेता के मुताबिक, "सिद्धारमैया के खिलाफ हम वोक्कलिंगा और वीरशैवा वोटर्स को एकजुट कर रहे हैं. कुमारस्वामी ने इसे प्रतिष्ठा के तौर पर लिया है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सिद्धारमैया के लिए ज्यादा से ज्यादा मुश्किलें खड़ी करें, ताकि वह राज्य के दूसरे हिस्सों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाए.
वहीं, मैसूर के बाहरी इलाके की चामुंडेश्वरी सीट पर मौजूदा जेडीएस एमएलए जीटी देवगौड़ा भी मजबूत नेता के तौर पर उभर रहे हैं.
इसके अलावा नॉर्थ कर्नाटक के बागलकोट जिले की बादामी सीट पर जेडीएस युवा उम्मीदवार हनुमंतथप्पा को लाना चाहती है. हनुमंतथप्पा कुरुवा जाति से ही आते हैं. सिद्धारमैया भी इसी जाति से हैं.
2013 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में जेडीएस को बादामी से 42 हजार वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 56 हजार वोट मिले. ऐसे में इस चुनाव में भी जेडीएस सिद्धारमैया को एक कड़ी टक्कर देने की उम्मीद कर रहा है.
लेकिन, सिद्धारमैया को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्हें दोनों सीटों पर जीत का भरोसा है. सिद्धारमैया का कहना है कि देवगौड़ा और कुमारास्वामी को मेरी दोनों सीटों पर लड़ने दीजिए. जनता खुद फैसला कर देगी कि कौन बेस्ट है. मैं या वो?"
