दक्षिण कश्मीर से अब हरियाणा का पर्यटक लापता, जांच में जुटी पुलिस

श्रीनगर। हरियाणा का एक पर्यटक दक्षिण कश्मीर से लापता हो गया है। पुलिस ने बताया कि पर्यटक नशे का आदी था। पुलिस के अनुसार, पर्यटक का नाम राहुल बसन है, जो हरियाणा-दिल्ली सीमांत जिला सोनीपत के कुण्डली का रहने वाला है। वह अनंतनाग जिले के मट्टन मंदिर से लापता है।
राहुल फरीदाबाद से 14 दूसरे लोगों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ अन्य स्थानों पर घूमने के लिए आया था। उसके साथ आए सदस्यों ने बताया कि सभी मट्टन मंदिर में माथा टेकने के लिए गए हुए थे। इसके बाद उन्हें दोपहर को अन्य मंदिर के लिए जाना था, लेकिन जैसे ही वह सब बाहर आए तो राहुल गायब था।
ढूंढने पर जब वह नहीं मिला तो इसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को दी। कुछ दिन पहले पत्थरबाजों के हमले में चेन्नई के पर्यटक की मौत के बाद हरियाणा के पर्यटक के लापता होने से सैलानी सकते में हैं।
घाटी से पर्यटकों का पलायन
पिछले दिनों गुलमर्ग (जम्मू कश्मीर) जाते समय रास्ते में ही पत्थरबाजों के हमले में जान गंवाने वाले 22 वर्षीय थिरुमन्नी का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके निवास स्थान चेन्नई तो पहुंच गया, लेकिन उनकी मौत से सहमे कश्मीर में मौजूद अन्य पर्यटकों ने अपना बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है। इस घटना ने पर्यटन उद्योग से जुड़े स्थानीय लोगों, होटल मालिकों और टैक्सी ऑपरेटरों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। पत्थरबाजों ने पत्थर पर्यटकों पर नहीं, कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर मारा है, क्योंकि थिरुमन्नी की मौत कई लोगों को बेरोजगारी और भुखमरी की हालात के लिए मजबूर कर सकती है। सभी दुआ कर रहे हैं कि पत्थरबाजों के इस गुनाह की सजा आम कश्मीरी को न मिले।
ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन कश्मीर के अध्यक्ष अशफाक सिद्दकी ने कहा कि यह अत्यंत दुखद है, ऐसा नहीं होना चाहिए था। इसका असर कश्मीर में पर्यटकों की संख्या पर पड़ेगा। पहले ही कश्मीर में पर्यटन उद्योग मंदी की मार झेल रहा है। अब यहां कौन आना चाहेगा। हम लोग कहते थे कि पर्यटन स्थलों पर स्थिति ठीक है, लेकिन यह तो गुलमर्ग के रास्ते पर ही हुआ है।
होटल व्यवसायी शेख मोहम्मद सुल्तान ने कहा कि पहलगाम स्थित मेरे होटल रिजेंसी में ठहरे छह पर्यटक अपने निर्धारित कार्यक्रम में कटौती कर मंगलवार सुबह 10 बजे वापस निकल गए। कश्मीर से रवाना होने वाले पर्यटकों की संख्या के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन टीआरसी चौक में स्थित टैक्सी स्टैंड यूनियन के पदाधिकारी इलियास ने कहा कि हम यहां से जम्मू जाने वाली सवारियों को ही अपने वाहनों में बिठाते हैं। फुल बुकिंग इक्का-दुक्का ही होती है, लेकिन मंगलवार को मैंने कम से कम 10 टवेरा और टेंपो की फुल बुकिंग ली और वे सभी पर्यटक ही थे जो जम्मू के लिए निकले।
अगर पर्यटकों की रवानगी इसी तरह रही तो यहां पर्यटकों का टोटा हो जाएगा। हमारे काम पर भी असर पड़ेगा। कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले मसूद हुसैन ने कहा कि हमारे जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र का योगदान 10 फीसद से कम है, लेकिन एक लाख से ज्यादा घरों में चूल्हा पर्यटन उद्योग के आधार पर चलता है, यह भी सही है। अगर इस घटना को लोग दो चार दिन में भूल जाते हैं तो नुकसान ज्यादा नहीं होगा। अगर ज्यादा लंबे समय तक इसे याद रखा तो फिर हालात कठिन होंगे।
घटना का नकारात्मक असर तय
पर्यटन निदेशक कश्मीर के पर्यटन निदेशक डॉ. महमूद शाह ने कहा कि इस घटना का नकारात्मक असर तय है। पर्यटक अगर यहां आता है तो वह जो पैसा खर्च करता है वह आम कश्मीरी की जेब में सीधे जाता है। अगर पथराव और हालात की मार पर्यटन पर पड़ती रही तो अंतत: कश्मीरियों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो जाएगी। पूछताछ के लिए तीन हिरासत में लिए गए पुलिस ने चेन्नई के पर्यटक की जान लेने वाले पत्थरबाजों को पकड़ने के लिए एक विशेष दल बनाया है। पुलिस ने मंगलवार को तीन युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पर्यटक की मौत दुर्भाग्यपूर्ण
रक्षा मंत्री जम्मू कश्मीर घूमने गए चेन्नई के एक पर्यटक की पत्थरबाजी में हुई मौत को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं की निंदा की जानी चाहिए। इस तरह की घटनाओं के बाद राज्य पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर सकता। वहीं जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने 22 वर्षीय पर्यटक की पथराव में मौत को मानवता की हत्या बताया। उन्होंने कहा कि किसी को मारने के लिए हाथों में पत्थर उठाने वालों का कोई धर्म नहीं होता।
