शिलांग में प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर फेंका पेट्रोल बम

मुख्यमंत्री संगमा ने कहा- हिंसक झड़प के पीछे एक सोची समझी साज़िश
नई दिल्ली। शिलांग में शुक्रवार की हिंसा के बाद से तनाव अब भी बना हुआ है। रविवार की रात को प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पेट्रोल बम फेंका। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। यहां दो गुटों में हुई हिंसक झड़प के बाद से ही कर्फ़्यू लगा दिया गया था, जिसमें रविवार को कुछ देर ढील दी गई थी लेकिन पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना से एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इस पूरे मामले में मुख्यमत्री कोनरैड संगमा ने कहा है कि शुक्रवार को हुई हिंसक झड़प के पीछे एक सोची समझी साज़िश है। हालांकि इस हिंसा के बीच एक बार फिर बरसों पुराना वो संघर्ष सामने आ गया है जो यहां के मूल आदिवासियों और प्रवासियों के बीच जमीन को लेकर रहा है।
ये प्रवासियों की कॉलोनी है जो हाल की झड़प के दौरान निशाने पर रही। शनिवार रात क़रीब दो सौ प्रवासी जिनमें ज़्यादातर पंजाबी थे, इस कॉलोनी से भाग गए और करीब ही सेना की छावनी में उन्होंने शरण ली। दिल्ली से शिरोमणि अकाली दल की एक टीम रविवार को पंजाबी लाइन पहुंची. उन्होंने प्रवासियों को धैर्य बंधाया और शांति बनाए रखने को कहा है। दरअसल स्थानीय खासी समुदाय हमेशा से ही यहां सरकारी ज़मीन पर पंजाबियों के रहने का विरोध करता रहा है और उन्हें कहीं और जाने की मांग करता रहा है।
