अमित शाह ने पुराने दौर को याद कर साधा निशाना, कहा- तब धमाके होते थे और सरकार मौन रहती थी

मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक व्यापारिक व सामाजिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत यूपीए (UPA) सरकार की आंतरिक सुरक्षा नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित इस भव्य समारोह के दौरान शाह ने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले जब केंद्र में पूर्ववर्ती गठबंधन की सरकार थी, तब देश के विभिन्न हिस्सों में आए दिन सिलसिलेवार बम धमाके और आतंकवादी घटनाएं होती थीं। परंतु, तत्कालीन नेतृत्व और प्रधानमंत्री इन गंभीर राष्ट्रीय संकटों पर पूरी तरह मौन साधे रहते थे, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर दिखाई देती थी।
उरी और पुलवामा का बदला: सर्जिकल व एयर स्ट्राइक से दिया करारा जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार की रक्षा और रणनीतिक नीतियों को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि साल 2014 के बाद देश की सुरक्षा नीति में एक युगांतकारी परिवर्तन आया है। उन्होंने जोर देकर कहा:
त्वरित सैन्य कार्रवाई: पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान जब भी आतंकवादियों ने उरी, पुलवामा या पहलगाम जैसी जगहों पर भारतीय सीमाओं और जवानों को निशाना बनाने का दुस्साहस किया, तब भारत ने सीमा पार जाकर 'सर्जिकल स्ट्राइक' और 'एयर स्ट्राइक' जैसी ऐतिहासिक सैन्य कार्यवाहियों के जरिए दुश्मनों को उनकी ही भाषा में करारा जवाब दिया।
आतंक विरोधी अभियान: इसके साथ ही आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे कड़े कदमों ने देश विरोधी ताकतों के हौसले पूरी तरह पस्त कर दिए हैं।
गोला-बारूद की कमी से मिसाइल युग तक: सशस्त्र बलों का हुआ आधुनिकीकरण
गृह मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार के तहत भारतीय सशस्त्र बलों (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) का व्यापक स्तर पर आधुनिकीकरण किया गया है। उन्होंने कहा, "देश में एक ऐसा दौर भी था जब हमारी सेनाओं के लिए बुनियादी गोलियां और छोटे हथियार तक भारत में नहीं बनते थे और हमें विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन आज मेक इन इंडिया (Make in India) के तहत देश के भीतर ही अत्याधुनिक मिसाइलें, लड़ाकू विमान और भारी सैन्य साजो-सामान तैयार किए जा रहे हैं।"
कश्मीर में शांति, पूर्वोत्तर सुरक्षित और नक्सलवाद हुआ बीते दिनों की बात
देश के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा करते हुए अमित शाह ने दावा किया कि वर्तमान सरकार की प्रभावी और जीरो-टॉलरेंस (शून्य सहिष्णुता) नीति के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क की कमर पूरी तरह तोड़ दी है और वहां अब अमन-चैन का माहौल है। इसके अतिरिक्त, पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) के राज्य अब उग्रवाद से मुक्त होकर शांति और विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। वहीं, कभी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाने वाला नक्सलवाद अब पूरी तरह इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह गया है।
