भारतीय मूल की महिला ने ब्रेन कैंसर का नाटक कर ठगे लाखों पाउन्ड 

लंदन । यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहने वाली भारतीय मूल की एक महिला जैसमीन मिस्त्री ने स्वीकार किया है कि उसने ब्रेन कैंसर होने का नाटक कर अपने परिवार वालों और दोस्तों से 2,25,47,511 रुपए की ठगी की है। इसके लिए उन्हें यूके की एक कोर्ट ने चार साल की सज़ा सुनाई है। सन 2013 में जैसमीन ने अपने तत्कालीन पति विजय कटेचिया को बताया कि उन्हें कैंसर है और साथ ही ऐसे व्हाट्सएप मैसेज दिखाए जिनके बारे में कहा गया कि वो डॉक्टर के हैं। बाद में जांच में पता चला कि एक और सिम कार्ड का इस्तेमाल करके जैसमीन ने ख़ुद को ख़ुद ही ये मैसेज भेजे हैं। 2014 तक कटेचिया और उनका अलगाव हो चुका था। इस दौरान जैसमीन ने पूर्व पति को बताया कि उनका कैंसर बेहद ख़तरनाक स्थिति में पहुंच गया है और उनके पास महज़ छह महीने का वक्त है। एक और डॉक्टर के नाम से ख़ुद को भेजे गए एक फेक मैसेज में ऐसी जानकारी साझा की कि अमेरिका में 4,51,02,855 रुपए में इसका इलाज हो सकता है।
कटेचिया और सागे-संबंधियों ने दान तक का सहारा लेकर ये रकम इस भावना में जुटाई कि जैसमीन को इलाज के लिए इसकी ज़रूरत है। सन 2015 से 2017 तक पैसे इकट्ठा करने की मुहिम चलती रही। कटेचिया के एक दोस्त ने जैसमीन के ब्रेन का स्कैन देखा, जिसे जैसमीन ने यह कह कर दिखाया था कि यह उन्होंने एक कंसल्टेंट से करवाया है। झूठ तब पकड़ा गया जब कटेचिया ने स्कैन को अपने एक डॉक्टर दोस्त को दिखाया। कटेचिया के इस दोस्त ने बताया कि यह स्कैन तो गूगल से डॉउनलोड किया गया है। कटेचिया ने वह सिम कार्ड भी ढूंढ निकाला जो जैसमीन ख़ुद को मैसेज भेजने के लिए इस्तेमाल कर रही थी। अंत में जैसमीन को स्वीकार करना पड़ा कि वह झूठ बोल रही है। इसके बाद उन्होंने इस घटना की पुलिस में रिपोर्ट लिखा दी। इस मामले में अदालत ने सजा का ऐलान अब किया है।

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