दूसरे दिन भी धूल भरी आंधी से हिला शहर

जबलपुर। रविवार का दिन एक तरफ जहां इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा जब पारा ४०.५ डिग्री पर पहुंचा। दोपहर ४ बजे तक कड़ी धूप थी और इसके बाद अचानक बादल्ा घिर आये और तेज गड़गड़हट के साथ बूंदाबांदी होने लगी। इस दौरान ४० किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने अचानक वातवरण की रफ्तार रोक दी। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक बादल छाये रहेंगे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोप के प्रभाव के कारण मौसम में अचानक बदलाव आया है। रविवार को लगातार दूसरे दिन शाम के वक्त मौसम से अपना रुख बदला। तेज हवाओं ने शहर को धूलधानी बना दिया। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर बने हवा के कम दवाब वाले क्षेत्र के कारण बादल नीचे उतर आए हैं और आगामी २४ घण्टों के दौरान संभाग के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बरस भी सकते हैं।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के प्रवक्ता ने बताया कि असम और छत्तीसगढ़ के ऊपर बने हवा के कम दवाब का क्षेत्र मध्यप्रदेश के ऊपर आ गया है। लो-प्रेशर की वजह से बादल बन रहे हैं। जबकि तापमान में उछाल निरंतर बनी हुई है। हाल ही में तीखे हुए गर्मी के तेवर कुछ नरम पड़े हैं। लेकिन आसमान पर बदली के छाने से उमस बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले २४ घंटों के दौरान अधिकतम तापमान ४०.५ डिग्री सेल्सियस सामान्य से ३ डिग्री अधिक दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान २६.६ डिग्री सेल्सियस सामान्य से ७ डिग्री अधिक दर्ज किया गया। हवा में नमी प्रातःकाल २७ प्रतिशत और सायंकाल १९ प्रतिशत आंकी गई। सूर्योदय सुबह ५.२६ पर और सूर्यास्त शाम ६.२६ पर हुआ। गत वर्ष आज के दिन अधिकतम तापमान ३८.३ डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम २१.० डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पश्चिमी हवाएं ५ से ६ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। प्रदेश में सबसे अधिक ४४ डिग्री तापमान खरगौन जिले मेंं दर्ज किया गया। जबकि सबसे कम न्यूनतम १८ डिग्री तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। अगले २४ घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ पानी बौछारें पड़ सकतीं हैं।
