प्रियंका 5 साल पहले मुझे जानती भी नहीं थीं, अब अपने पति से ज्यादा मेरा नाम लेती हैं: स्मृति ईरानी

अमेठी: पांचवें चरण के मतदान (lok sabha elections 2019) के बीच यहां से बीजेपी प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए कहा, ''वह पांच साल मेरा नाम तक नहीं जानती थीं…आजकल वह अपने पति का नाम कम और मेरा नाम ज्यादा लेती हैं.'' अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, ''यहां जिस अस्पताल के ट्रस्टी राहुल गांधी हैं, वहां पर एक व्यक्ति की इलाज के अभाव में इसलिए मौत हो गई क्योंकि उसके पास आयुष्मान भारत का कार्ड होने के कारण इलाज करने से मना कर दिया गया. ये परिवार इतना घिनौना है कि एक निर्दोष की मौत के घाट उतारने को तैयार है सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें अपनी राजनीति प्यारी है.''
अस्पताल ने दी सफाई
इस बीच अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़े एक अस्पताल में कथित रूप से आयुष्मान कार्ड रखने के कारण एक गरीब की इलाज के अभाव में मौत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेठी से भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी के आरोपों को अस्पताल प्रशासन ने पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है.
प्रधानमंत्री द्वारा ग्वालियर में एक चुनावी रैली में अमेठी के मुंशीगंज स्थित संजय गांधी चिकित्सालय में आयुष्मान कार्ड धारक होने के कारण इलाज ना होने से एक मरीज की मौत और इसी आरोप को लेकर स्मृति द्वारा किये गये ‘ट्वीट’ पर अस्पताल के निदेशक कैप्टन सूरज महेंद्र चौधरी ने रविवार को कहा कि ये इल्जाम पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा संजय गांधी अस्पताल के ट्रस्टी हैं. चौधरी ने कहा कि अमेठी के सरैया मुसाफिरखाना गांव का रहने वाला मरीज नन्हे लाल पिछली 25 अप्रैल की रात करीब 11 बजे संजय गांधी अस्पताल में इलाज के लिए आया था. अत्यधिक शराब पीने के कारण उसका लीवर फेल हो गया था और उसकी हालत बेहद खराब थी.
उन्होंने बताया कि नन्हे लाल के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड नहीं था, फिर भी उसका इलाज शुरू किया गया और कहा गया अगर कार्ड हो तो मंगवा लेना, लेकिन 26 अप्रैल की सुबह उसकी मौत हो गई. अब स्मृति ईरानी द्वारा आज इस मामले को लेकर गलत आरोपों वाला ट्वीट किया जाना समझ से परे है. हमारे लिये हर मरीज बराबर है. स्मृति के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं.
दरअसल, अमेठी से भाजपा प्रत्याशी एवं केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को एक ट्वीट में अमेठी के संजय गांधी अस्पताल का जिक्र करते हुए कहा था ‘‘आज मैं निशब्द हूं. कोई इतना गिर सकता है, यह कभी नहीं सोचा था. एक गरीब को सिर्फ इसलिये मरने दिया, क्योंकि उसके पास मोदी का आयुष्मान कार्ड था, पर अस्पताल राहुल गांधी का था. अस्पताल के ट्रस्टी राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा जवाब दें. एक निर्दोष को क्यूं मार दिया गया?’’
इसके बाद, भाजपा के आधिकारिक टि्वटर हैंडल से किये गये ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाले से कहा गया ‘‘अमेठी में एक अस्पताल है. इस अस्पताल के ट्रस्टी नामदार परिवार के सदस्य हैं. कुछ दिन पहले इस अस्पताल में मौत से लड़ाई लड़ रहा एक गरीब आयुष्मान कार्ड लेकर अपना इलाज कराने गया तो उससे कहा गया कि ये मोदी का अस्पताल नहीं, जहां आयुष्मान कार्ड चल जाए.’’
इसी के बाद किये गये दूसरे ट्वीट में प्रधानमंत्री के ही हवाले से कहा गया ‘‘दुख की बात तो ये है कि इलाज से इनकार करने पर अमेठी का वो गरीब आज इस दुनिया में नहीं है. उस गरीब की मृत्यु के गुनहगारों को सजा मिलनी चाहिये.’’
इन आरोपों पर अस्पताल के मैनेजर भोलानाथ तिवारी ने कहा कि स्मृति ईरानी ने अमेठी में मतदान से एक दिन पहले सियासी लाभ के लिए घटना के 9 दिन बाद नन्हे लाल को सियासत का मोहरा बनाया और लाश पर राजनीति की. उधर, नन्हे लाल के परिजनों का आरोप है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड होने के बाद भी संजय गांधी अस्पताल में उसका मुफ्त इलाज नहीं किया गया.
