आज से शुरू हुआ रहमतों-बरकतों का महीना, जयपुर में दिखने लगी रमजान की रौनक

रहमतों और बरकतों का पाक और मुबारक महीना रमजान आज से शुरू हो गया है, राजस्थान में गर्मी के सबसे तेज़ दौर में भी 15 घंटे लंबे रोजे रखने के लिए प्रदेश के मुस्लिम काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. राजधानी के बाजारों में रमजान की खरिदारी की रौनक है, और लोग सेहरी और इफ्तार की तैयारियां पूरी कर चुके हैं. रमजान का मुकद्दस महीना अपने साथ रौनकें लेकर आता है. मस्जिदों में साफ सफाई और सजावटों का काम पूरा कर दिया गया है. इस साल भी रमजान की शुरूआत गर्मी के सबसे तेज 9 दिन यानी नौ तपा के दौरान हो रही है. इस दौरान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान में करीब साढ़े 15 घंटे का रोजा होगा, लेकिन प्रदेश में इतनी तेज गर्मी और रोजे का वक्त लंबा होने के बाद भी लोगों के जज्बे में किसी तरह की कमी नहीं हैं.
मज़हब ए इलम के इस्लाम के पांच अहम पिलर हैं कलमा, नमाज़, रोजा़, ज़कात और हज. हर कलमा पढ़ने वालों पर यह चारों चीज फर्ज है. इस्लाम के ये पांचों फर्ज इंसान को इंसान से आपसी मोहब्बत, जज्बात, और हमदर्दी की प्रेरणा देते हैं. रमजान इस्लामी महीने का नौवां महीना है. इसका नाम भी इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने से बना है. यह महीना इस्लाम के सबसे पाक, रहमतों और बरकतों वाले महीनों में शुमार है. रोजे को अरबी में सोम कहा जाता है जिसका मतलब होता है रुकना. रोजा यानी तमाम बुराईयों से रुकना या परहेज करना.
राजस्थान में गर्मी भले ही रिकॉर्ड तोड़ हो, पारा 45 के पार हो लेकिन अकीदतमंदों के जज्बे में कोई कमी नहीं है. रमज़ान के माह में मुसलमान के हर नेक अमल यानी पुण्य के कामों का सवाब कम से कम 70 गुना बढ़ा दिया जाता है. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति अपने सवाब के कामों में अधिक से अधिक हिस्सा लेता है. बता दें कि पवित्र माह रमजान के लिए मस्जिदों में इस माह के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. नया रंग रोगन किया गया है। मुस्लिम समाज ने घरों में भी साफ सफाई कर ली है,, जयपुर में रोजेदारों का पहला रोजा करीब साढ़े 15 घंटे का होगा. वहीं 29 या 30 दिन बाद चांद देखकर ही रमजान महीना खत्म होंगा और ईद मनाई जाएगी
